नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक शिक्षाओं पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त चर्चा में है। बेहद कम बजट में बनी इस फिल्म ने जिस तरह दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई है, उसने फिल्म इंडस्ट्री को भी हैरान कर दिया है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फिल्म की सफलता के बीच अब उत्तराखंड सरकार की ओर से इसे राज्य में टैक्स-फ्री करने का ऐलान किया गया है।
‘हनुमान अंश’ की सबसे खास बात इसकी कहानी और विषय है। फिल्म आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा के जीवन, उनके विचारों, भगवान हनुमान के प्रति उनकी भक्ति और समाज के प्रति सेवा भाव को केंद्र में रखती है। आमतौर पर बड़े सितारों और भारी बजट वाली फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता की गारंटी माना जाता है, लेकिन ‘हनुमान अंश’ ने इस सोच को काफी हद तक बदल दिया है। फिल्म ने शुरुआत में भले ही बहुत बड़ी कमाई नहीं की, लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों की प्रतिक्रिया और माउथ पब्लिसिटी ने इसकी रफ्तार बढ़ा दी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म की शुरुआत सीमित स्क्रीन्स और अपेक्षाकृत कम ओपनिंग के साथ हुई थी। शुरुआती दिनों में कम कमाई के बावजूद फिल्म ने दर्शकों के बीच अपनी पकड़ बनाए रखी। जैसे-जैसे फिल्म देखने वाले लोगों ने इसकी कहानी और आध्यात्मिक संदेश की तारीफ करनी शुरू की, वैसे-वैसे सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ती गई। यही माउथ पब्लिसिटी फिल्म के लिए सबसे बड़ा प्रमोशन साबित हुई। बाद में फिल्म ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर लिया।
फिल्म की सफलता के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इसे लेकर बड़ा फैसला किया। मुख्यमंत्री ने देहरादून के एक सिनेमाघर में फिल्म देखी और इसके बाद घोषणा की कि ‘हनुमान अंश’ को पूरे उत्तराखंड में टैक्स-फ्री किया जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक फिल्म के जरिए लोगों को नीम करोली बाबा की तपस्या, त्याग, सेवा और भगवान हनुमान के प्रति उनकी अटूट आस्था को समझने का मौका मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की फिल्में उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश और दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उत्तराखंड के लिए इस फैसले का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि नीम करोली बाबा से जुड़े कई प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल राज्य में मौजूद हैं। खास तौर पर कैंची धाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है। फिल्म के कारण बाबा की जीवन यात्रा और उनके विचारों को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ी है। ऐसे में टैक्स-फ्री किए जाने से फिल्म को राज्य में और अधिक दर्शक मिलने की संभावना है।
‘हनुमान अंश’ की सफलता ने फिल्म के निर्माताओं और कलाकारों के लिए भी नई उम्मीदें पैदा की हैं। फिल्म ने यह साबित किया है कि दर्शक केवल बड़े बजट, बड़े सितारों या भव्य एक्शन पर निर्भर नहीं हैं। अगर कहानी लोगों की भावनाओं और आस्था से जुड़ जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद फिल्म बड़ी सफलता हासिल कर सकती है। यही वजह है कि ‘हनुमान अंश’ को 2026 की सरप्राइज हिट फिल्मों में शामिल किया जा रहा है।
फिल्म की कमाई का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है और इसकी सफलता की चर्चा अब केवल बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं है। कम बजट में इतनी बड़ी कमाई ने इसे इंडस्ट्री के लिए एक दिलचस्प उदाहरण बना दिया है। वहीं, उत्तराखंड में टैक्स-फ्री होने के बाद फिल्म की पहुंच और बढ़ सकती है। इसके अलावा महाराष्ट्र में भी फिल्म को टैक्स राहत देने की मांग सामने आई है। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फिल्म को टैक्स-फ्री करने की अपील की है।
कुल मिलाकर ‘हनुमान अंश’ की कहानी सिर्फ बॉक्स ऑफिस की सफलता तक सीमित नहीं रह गई है। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बनी फिल्म का 100 करोड़ क्लब में पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। अब उत्तराखंड में टैक्स-फ्री होने के बाद फिल्म को एक और सकारात्मक बढ़ावा मिला है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘हनुमान अंश’ कमाई के मामले में कहां तक पहुंचती है और क्या दूसरे राज्य भी इसे टैक्स राहत देने का फैसला करते हैं।