फिल्म इंडस्ट्री में कई बार ऐसी फिल्में सामने आती हैं, जिनसे शुरुआत में बहुत बड़ी उम्मीदें नहीं होतीं, लेकिन रिलीज के बाद दर्शकों का प्यार उन्हें बड़ी सफलता दिला देता है। ‘हनुमान अंश’ भी इन दिनों कुछ ऐसी ही कहानी लिखती नजर आ रही है। नीम करोली बाबा के जीवन, उनकी भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक संदेश पर आधारित इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म की कमाई अब 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करने की खबरों के बीच चर्चा में है।
फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसे शुरुआत में बड़े बजट वाली फिल्मों जैसा प्रमोशन या भारी-भरकम रिलीज सपोर्ट नहीं मिला था। सीमित स्क्रीन और कम शोज के बावजूद फिल्म ने धीरे-धीरे दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई। शुरुआती दिनों में इसकी कमाई बेहद सामान्य रही, लेकिन जैसे-जैसे दर्शकों ने फिल्म देखनी शुरू की, सोशल मीडिया और वर्ड ऑफ माउथ के जरिए इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई। यही वजह रही कि बाद के हफ्तों में फिल्म के शोज बढ़े और कमाई में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला।
‘हनुमान अंश’ की कहानी नीम करोली बाबा के आध्यात्मिक जीवन और उनके संदेशों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। फिल्म में भक्ति के साथ-साथ प्रेम, सेवा, करुणा और मानवता को प्रमुखता दी गई है। कहानी का उद्देश्य केवल एक संत के जीवन को पर्दे पर दिखाना नहीं, बल्कि उनके विचारों और जीवन दर्शन को दर्शकों तक पहुंचाना भी है। यही पहलू परिवार और आध्यात्मिक सिनेमा पसंद करने वाले दर्शकों को खास तौर पर आकर्षित कर रहा है।
फिल्म की सफलता के पीछे इसकी विषयवस्तु को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। मौजूदा समय में जब बॉक्स ऑफिस पर बड़े सितारों और बड़े बजट की फिल्मों का दबदबा देखने को मिलता है, ऐसे में एक सीमित बजट की आध्यात्मिक फिल्म का इस स्तर तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का बजट लगभग 2 करोड़ रुपये रहा है और इसकी कमाई ने निर्माताओं को जबरदस्त मुनाफे की स्थिति में पहुंचा दिया है।
अब फिल्म की सफलता के बीच उत्तराखंड से भी एक बड़ा ऐलान हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में ‘हनुमान अंश’ देखने के बाद इसे उत्तराखंड में टैक्स-फ्री करने की घोषणा की। उन्होंने फिल्म की आध्यात्मिक और पारिवारिक विषयवस्तु की सराहना की और कहा कि फिल्म का संबंध उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत और कैंची धाम से भी जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने यह भी माना कि ऐसी फिल्में प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
नीम करोली बाबा का कैंची धाम उत्तराखंड में श्रद्धा का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। बाबा के देश-विदेश में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं और उनके सेवा, प्रेम तथा मानवता के संदेश को आज भी याद किया जाता है। ऐसे में फिल्म को उत्तराखंड में टैक्स-फ्री किए जाने का फैसला फिल्म की कहानी और राज्य की आध्यात्मिक पहचान के बीच एक खास संबंध को भी दर्शाता है।
फिल्म की टीम के लिए यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी राज्य सरकार की ओर से टैक्स-फ्री किए जाने से स्थानीय स्तर पर दर्शकों के लिए फिल्म देखना अधिक आकर्षक हो सकता है। साथ ही, इससे फिल्म को आगे भी दर्शकों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर उत्तराखंड में कैंची धाम और नीम करोली बाबा से जुड़ी आस्था को देखते हुए फिल्म के प्रति दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है।
‘हनुमान अंश’ की कहानी यह भी दिखाती है कि सिनेमा में सफलता के लिए हमेशा बड़े सितारे, करोड़ों का बजट या विशाल प्रचार अभियान जरूरी नहीं होता। अगर कहानी दर्शकों के दिल से जुड़ जाए और उसमें ऐसा संदेश हो जिसे लोग दूसरों तक पहुंचाना चाहें, तो फिल्म धीरे-धीरे अपनी ऑडियंस बना सकती है। इस फिल्म के साथ भी कुछ ऐसा ही होता दिखाई दे रहा है।
100 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचने की चर्चा ने ‘हनुमान अंश’ को 2026 की चर्चित सरप्राइज हिट फिल्मों में शामिल कर दिया है। वहीं उत्तराखंड में टैक्स-फ्री किए जाने के फैसले ने इसकी सफलता में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई कहां तक पहुंचती है, यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन इतना साफ है कि नीम करोली बाबा की कहानी ने बड़े पर्दे पर दर्शकों के बीच अपनी मजबूत जगह बना ली है।