बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इस समय ‘बंटवारा 1947’ और ‘आवारापन 2’ के बीच मुकाबला चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों फिल्मों की रिलीज को लेकर दर्शकों में उत्सुकता थी, लेकिन शुरुआती कमाई के आंकड़ों ने तस्वीर काफी दिलचस्प बना दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘बंटवारा 1947’ पहले दिन की कमाई के मामले में ‘आवारापन 2’ से काफी पीछे रही। इसके बावजूद फिल्म ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ‘बंटवारा 1947’ को इमरान हाशमी के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्मों में शामिल बताया जा रहा है।
फिल्मों की रिलीज के दौरान बॉक्स ऑफिस पर क्लैश का असर दोनों प्रोजेक्ट्स पर देखने को मिला। एक तरफ ‘आवारापन 2’ के साथ इमरान हाशमी की वापसी को लेकर दर्शकों में खास उत्साह था, वहीं दूसरी ओर ‘बंटवारा 1947’ का विषय और सनी देओल की मौजूदगी इसे अलग तरह की ऑडियंस तक पहुंचाने की कोशिश कर रही थी। दोनों फिल्मों का जॉनर और ट्रीटमेंट अलग होने के बावजूद रिलीज के समय इनके बीच सीधी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
‘आवारापन 2’ ने अपने शुरुआती दिन में बेहतर प्रदर्शन किया और इसकी कमाई ने ‘बंटवारा 1947’ को काफी पीछे छोड़ दिया। फिल्म को इमरान हाशमी के पुराने प्रशंसकों का फायदा मिला। ‘आवारापन’ फ्रेंचाइजी के साथ दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव भी इसकी शुरुआत को मजबूत करने में मदद करता नजर आया। फिल्म के संगीत, रोमांटिक ड्रामा और इमरान के पुराने अंदाज को लेकर पहले से चर्चा थी, जिसका असर शुरुआती बॉक्स ऑफिस पर दिखाई दिया।
इसके मुकाबले ‘बंटवारा 1947’ की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही। फिल्म की कहानी भारत के विभाजन जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक विषय पर आधारित बताई जा रही है। ऐसे विषय वाली फिल्मों का दर्शक वर्ग अक्सर एक्शन या रोमांटिक फिल्मों की तुलना में सीमित हो सकता है। इसके अलावा रिलीज के दौरान दूसरी बड़ी फिल्म से मुकाबला होने के कारण स्क्रीन और शो की उपलब्धता का असर भी कमाई पर पड़ सकता है।
हालांकि, ‘बंटवारा 1947’ की कमाई का एक सकारात्मक पहलू यह है कि फिल्म ने इमरान हाशमी के करियर में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यदि शुरुआती आंकड़ों को आधार माना जाए, तो यह फिल्म उनकी अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग देने वाली फिल्मों में शामिल हो गई है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फिल्म का विषय पारंपरिक कमर्शियल मसाला फिल्मों से अलग है।
इमरान हाशमी के करियर में कई ऐसी फिल्में रही हैं, जिनमें उन्होंने रोमांटिक, गंभीर और नकारात्मक किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी फिल्मों को खास तौर पर संगीत और भावनात्मक कहानियों के लिए जाना जाता रहा है। ‘आवारापन 2’ के साथ उनकी वापसी को लेकर भी काफी उम्मीदें थीं। फिल्म की शुरुआती कमाई ने संकेत दिया कि अभिनेता के पुराने प्रशंसक आज भी उन्हें पर्दे पर देखने के लिए उत्साहित हैं।
दूसरी तरफ ‘बंटवारा 1947’ की कहानी का भावनात्मक पक्ष इसकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। विभाजन की पृष्ठभूमि में इंसानियत, रिश्तों और संघर्ष की कहानी दर्शकों के एक वर्ग को प्रभावित कर सकती है। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर केवल पहले दिन की कमाई के आधार पर फिल्म की सफलता का फैसला करना जल्दबाजी होगी। वीकेंड और आगे के दिनों में कमाई का ट्रेंड ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
सनी देओल की मौजूदगी भी ‘बंटवारा 1947’ के लिए एक मजबूत पक्ष है। अभिनेता की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और गंभीर भूमिकाओं के लिए उनकी लोकप्रियता फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है। यदि फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो आने वाले दिनों में इसके कलेक्शन में बढ़ोतरी की संभावना हो सकती है।
बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की कमाई कई चीजों पर निर्भर करती है। रिलीज डेट, स्क्रीन काउंट, टिकट की कीमत, दर्शकों की प्रतिक्रिया, वीकेंड और दूसरी फिल्मों से मुकाबला सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए शुरुआती आंकड़ों को फिल्म के अंतिम बॉक्स ऑफिस परिणाम के रूप में देखना सही नहीं होगा।
फिलहाल ‘आवारापन 2’ ने कमाई के मामले में बढ़त बना ली है, जबकि ‘बंटवारा 1947’ अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही है। दोनों फिल्मों की ऑडियंस अलग होने के कारण आने वाले दिनों में तस्वीर बदल भी सकती है।
फाइनल वर्डिक्ट
कुल मिलाकर, ‘बंटवारा 1947’ की शुरुआत ‘आवारापन 2’ की तुलना में कमजोर रही, लेकिन फिल्म ने इमरान हाशमी के करियर में एक खास उपलब्धि जरूर दर्ज की। अब असली परीक्षा वीकेंड और आने वाले दिनों की कमाई की होगी। यदि दर्शकों की प्रतिक्रिया मजबूत रहती है, तो फिल्म शुरुआती धीमी रफ्तार के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।