बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई बार एक अभिनेता या अभिनेत्री के करियर में ऐसे मोड़ आते हैं, जो उनके पूरे सफर को एक नई दिशा दे देते हैं। दीपिका पादुकोण की ज़िंदगी में भी ऐसा ही एक वक्त आया था, जब उन्होंने अपने करीबी दोस्त और उस वक्त के को-स्टार रणबीर कपूर की सलाह को दरकिनार कर एक ऐसी फिल्म का चुनाव किया, जिसने न सिर्फ उनके अभिनय की परिपक्वता को साबित किया, बल्कि उन्हें एक गंभीर कलाकार के रूप में स्थापित भी कर दिया।
कौन-सी थी वो फिल्म?
वर्ष 2015 में रिलीज़ हुई इम्तियाज़ अली की फिल्म ‘तमाशा’ को दीपिका ने एक बड़े रिस्क के तौर पर साइन किया था। फिल्म की स्क्रिप्ट और किरदार ‘तारा’ एक आम बॉलीवुड हीरोइन की छवि से बिलकुल अलग था। न ही इसमें ग्लैमर की भरमार थी और न ही कोई टिपिकल रोमांटिक ट्रैक। रणबीर कपूर, जो खुद इस फिल्म में लीड रोल में थे, ने दीपिका को यह सलाह दी थी कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर प्रयोगात्मक हो सकती है और शायद उनके करियर के उस समय के लिहाज़ से यह सबसे उपयुक्त चुनाव नहीं होगा।
क्यों थी रणबीर की यह सलाह?
रणबीर कपूर उस समय तक खुद भी कुछ ऑफबीट फिल्मों से जुड़े रह चुके थे, और उन्होंने देखा था कि किस तरह क्रिटिकली सफल फिल्मों को भी बॉक्स ऑफिस पर उतनी सफलता नहीं मिलती। ‘तमाशा’ की कहानी आत्म-अन्वेषण, समाजिक अपेक्षाओं और आंतरिक संघर्षों पर आधारित थी — जो भारतीय सिनेमा में कम ही पसंद किए जाने वाले विषय हैं। रणबीर का मानना था कि दीपिका को उस समय एक कमर्शियल और पॉपुलर स्क्रिप्ट पर फोकस करना चाहिए।
दीपिका का फैसला और आत्मविश्वास
हालांकि दीपिका ने रणबीर की सलाह को विनम्रता से सुना, लेकिन उन्होंने तारा के किरदार में कुछ ऐसा देखा जो उन्हें भीतर तक छू गया। उन्होंने कहा था कि, “इस किरदार ने मुझे खुद से जोड़ने का मौका दिया। तारा की असहायता, भावनाएं और स्वतंत्रता की खोज मेरे दिल के बहुत करीब थीं।” दीपिका ने अपने अंदर की आवाज़ को प्राथमिकता दी और फिल्म के लिए हां कह दिया।
नतीजा: करियर का टर्निंग पॉइंट
‘तमाशा’ को भले ही शुरुआती बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता न मिली हो, लेकिन यह फिल्म धीरे-धीरे एक कल्ट क्लासिक बन गई। दीपिका के अभिनय की तारीफ हर ओर से हुई। समीक्षकों ने माना कि यह उनकी सबसे परिपक्व परफॉर्मेंस में से एक थी। इस फिल्म के बाद दीपिका को न सिर्फ ग्लैमरस बल्कि एक ‘एक्टर’ के तौर पर भी पहचाना जाने लगा।
यह फिल्म उनके करियर के उस मुकाम पर आई थी, जब वह ‘चेनाई एक्सप्रेस’ और ‘राम लीला’ जैसी हिट फिल्मों के बाद अपने लिए एक नया, अर्थपूर्ण स्पेस तलाश रही थीं। ‘तमाशा’ ने उन्हें सिर्फ एक नई पहचान ही नहीं दी, बल्कि यह दिखा दिया कि वह किसी भी जटिल किरदार को आत्मसात कर सकती हैं।
रणबीर की प्रतिक्रिया
बाद में रणबीर कपूर ने भी माना कि दीपिका का फैसला सही था और फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस ने हर किसी को चौंका दिया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कभी-कभी एक्टिंग में जोखिम ही सबसे बड़ा फायदा बन जाता है।