Bollywood This WeekCelebsUpcoming Movies

श्रद्धा कपूर की फिल्म ‘ईठा’ पर रिलीज से पहले विवाद, विठाबाई नारायणगांवकर परिवार ने टाइटल बदलने की उठाई मांग

रिलीज से पहले ही श्रद्धा कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘ईठा’ विवादों में घिर गई है। फिल्म के टाइटल को लेकर महाराष्ट्र की प्रसिद्ध लोक कलाकार और लावणी की दिग्गज हस्ती विठाबाई नारायणगांवकर के परिवार ने कड़ी आपत्ति जताई है। परिवार का कहना है कि फिल्म का शीर्षक उनकी सांस्कृतिक विरासत और विठाबाई की पहचान से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसका इस्तेमाल बिना उचित अनुमति और संवेदनशीलता के नहीं किया जाना चाहिए। इस विवाद ने फिल्म की रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में नई बहस छेड़ दी है।

विठाबाई नारायणगांवकर को महाराष्ट्र की लोक संस्कृति और लावणी कला की सबसे सम्मानित कलाकारों में गिना जाता है। उन्होंने अपने जीवन में लोककला को नई पहचान दिलाने के लिए अथक मेहनत की थी। उनके परिवार का आरोप है कि फिल्म के निर्माताओं ने जिस शीर्षक का चयन किया है, उससे दर्शकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। उनका कहना है कि यदि फिल्म का विषय विठाबाई के जीवन या उनके योगदान से जुड़ा नहीं है, तो ऐसे नाम का उपयोग उचित नहीं माना जा सकता। परिवार ने निर्माताओं से फिल्म का टाइटल बदलने की मांग की है ताकि उनकी विरासत का सम्मान बना रहे।

दूसरी ओर फिल्म के निर्माताओं की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों का कहना है कि फिल्म की कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और इसका उद्देश्य किसी ऐतिहासिक या सांस्कृतिक व्यक्तित्व का अपमान करना नहीं है। बावजूद इसके, विवाद लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। कई सांस्कृतिक संगठनों ने भी इस मामले में परिवार का समर्थन करते हुए कहा है कि किसी महान कलाकार की पहचान से जुड़े नाम का इस्तेमाल बेहद जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।

श्रद्धा कपूर की यह फिल्म पहले से ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई थी। फिल्म में उनका बिल्कुल अलग अंदाज देखने को मिलने वाला है और फैंस लंबे समय से इसकी रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब विवाद के चलते फिल्म की चर्चा कहानी या अभिनय से ज्यादा उसके शीर्षक को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर भी लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग परिवार की मांग को जायज बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि फिल्म रिलीज होने से पहले उसकी पूरी कहानी जाने बिना निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।

भारतीय फिल्म उद्योग में यह पहली बार नहीं है जब किसी फिल्म के नाम या विषय को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी कई फिल्मों को धार्मिक, सांस्कृतिक या ऐतिहासिक कारणों से विरोध का सामना करना पड़ा है। कई बार निर्माताओं को टाइटल बदलना पड़ा, तो कई मामलों में कानूनी प्रक्रिया के बाद ही फिल्म रिलीज हो सकी। ऐसे मामलों में फिल्म निर्माताओं और संबंधित पक्षों के बीच संवाद और आपसी समझ सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।

फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी शीर्षक से किसी समुदाय, परिवार या सांस्कृतिक विरासत की भावनाएं जुड़ी हों, तो उस पर पहले से विचार-विमर्श करना आवश्यक होता है। इससे अनावश्यक विवादों से बचा जा सकता है और फिल्म की छवि भी सकारात्मक बनी रहती है। वहीं दूसरी ओर रचनात्मक स्वतंत्रता का सम्मान भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती होती है।

अब सभी की नजर फिल्म के निर्माताओं और विठाबाई नारायणगांवकर के परिवार के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हुई है। यदि आपसी सहमति बन जाती है तो विवाद जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन यदि मामला कानूनी रूप लेता है तो फिल्म की रिलीज पर भी असर पड़ सकता है। श्रद्धा कपूर के प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि यह विवाद जल्द खत्म हो और फिल्म बिना किसी बाधा के सिनेमाघरों तक पहुंचे।

फिलहाल इतना तय है कि रिलीज से पहले शुरू हुआ यह विवाद फिल्म ‘ईठा’ को सुर्खियों में बनाए हुए है। आने वाले दिनों में निर्माताओं की प्रतिक्रिया और संबंधित पक्षों के अगले कदम यह तय करेंगे कि मामला शांत होता है या फिर यह विवाद और गहरा रूप लेता है।

Related Articles