बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान इन दिनों अपनी फिल्मों के बजाय एक कानूनी विवाद को लेकर चर्चा में हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को अभिनेता को मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि भारत के नागरिकों और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों के अधिकार एक जैसे नहीं हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि OCI कार्डधारक इस देश की मेहरबानी पर हैं और उन्हें भारतीय नागरिकों की तरह विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है। अदालत की सख्त टिप्पणियों के बाद इमरान खान के वकील ने उनकी ओर से बिना शर्त माफी पेश की और आश्वासन दिया कि अभिनेता भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन या आंदोलन में हिस्सा नहीं लेंगे। साथ ही वह दूसरों को भी ऐसे प्रदर्शनों के लिए उकसाने से बचेंगे। इस मामले ने देश में OCI कार्डधारकों के अधिकारों और उनकी कानूनी जिम्मेदारियों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
दरअसल, यह पूरा मामला मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में 10 अक्टूबर को हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दें। यह आंदोलन Cockroach Janta Party (CJP) से जुड़े प्रदर्शन के समर्थन में भी आयोजित किया गया था। इस दौरान अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। इमरान खान अमेरिका के नागरिक हैं और उनके पास भारत का OCI कार्ड है। इस घटना के बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया की शिकायत और पुलिस की कार्रवाई के आधार पर विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने अभिनेता को 14 अक्टूबर को ‘Leave India Notice’ जारी किया। इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ निर्वासन की कार्रवाई शुरू किए जाने की चेतावनी भी दी गई थी।
FRRO के इस आदेश को इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। अभिनेता की याचिका में नोटिस को मनमाना, गैरकानूनी और अनुपातहीन बताया गया। उनकी ओर से दलील दी गई कि वह प्रदर्शन के आयोजकों से जुड़े नहीं थे और न ही उन्होंने किसी राजनीतिक संगठन के साथ भागीदारी की थी। उनका दावा था कि वह घटनास्थल के आसपास मौजूद थे और पुलिस के कहने पर वहां से चले गए थे। अभिनेता ने यह भी कहा कि अधिकारियों ने उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिए बिना भारत छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया। उनके वकील ने अदालत को बताया कि इमरान खान का बचपन और जीवन का बड़ा हिस्सा भारत में बीता है तथा वह लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अदालत से मामले में राहत देने की अपील की।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने OCI कार्डधारकों के अधिकारों पर कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। अदालत ने कहा कि भारतीय नागरिकों को मिलने वाले अधिकार OCI कार्डधारकों को उसी रूप में उपलब्ध नहीं हैं। पीठ ने सवाल उठाया कि इमरान खान का SIR प्रक्रिया से क्या संबंध है और वह ऐसे विरोध प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए। अदालत ने यह भी कहा कि अगर कोई भारतीय नागरिक विदेश में ऐसा करता तो क्या वहां उसे इस तरह की छूट मिलती? सुनवाई के दौरान पीठ ने टिप्पणी की कि OCI कार्डधारक होने के नाते अभिनेता इस देश की मेहरबानी पर हैं और इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हालांकि, अदालत ने उनके भारत में लंबे समय से रहने और उनके वकील की ओर से माफी की पेशकश को देखते हुए अधिकारियों से नरमी बरतने की बात भी कही। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि यदि अभिनेता विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो उन्हें भारतीय नागरिकता लेने पर विचार करना चाहिए।
अदालत ने इमरान खान के सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सवाल उठाए। पीठ के मुताबिक, पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद अभिनेता की कुछ पोस्ट उनके युवा प्रशंसकों को प्रभावित कर सकती थीं और उन्हें उकसाने जैसा माना जा सकता है। इसके बाद उनके वकील वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने अदालत में बिना शर्त माफी पेश की। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि अभिनेता भविष्य में किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेंगे। अदालत ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए अभिनेता को फिलहाल राहत दी। कोर्ट ने FRRO के ‘Leave India Notice’ पर लगी रोक को अगली सुनवाई तक जारी रखा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को होगी। अधिकारियों को भी तब तक अपना जवाब दाखिल करना है।
गौरतलब है कि इमरान खान के सामने केवल भारत छोड़ने के नोटिस का मामला ही नहीं है। FRRO ने उनके OCI कार्ड का पंजीकरण रद्द करने की संभावना को लेकर अलग से कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। ऐसे में अगली सुनवाई अभिनेता के लिए काफी अहम होगी। फिलहाल अदालत ने उन्हें भारत में रहने की अंतरिम राहत दी है, लेकिन मामले का अंतिम फैसला अभी नहीं आया है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि OCI कार्डधारकों की स्थिति भारतीय नागरिकों से अलग होती है और उनके अधिकारों की कानूनी सीमाएं भी अलग हैं।