बॉलीवुड की चर्चित फिल्म सीरीज़ ‘जॉली एलएलबी’ का तीसरा पार्ट ‘जॉली एलएलबी 3’ रिलीज़ से पहले ही विवादों में घिर गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार पुणे की एक अदालत ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक और मुख्य कलाकारों अक्षय कुमार और अरशद वारसी को कानूनी नोटिस भेजा है। आरोप लगाया गया है कि इस फिल्म में भारतीय न्यायपालिका का मजाक उड़ाने और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई है।
क्या है पूरा मामला?
‘जॉली एलएलबी’ सीरीज़ हमेशा से व्यंग्यात्मक अंदाज़ और कोर्टरूम ड्रामा के लिए मशहूर रही है। इस फिल्म के पहले दोनों पार्ट्स को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। लेकिन ‘जॉली एलएलबी 3’ को लेकर शुरू से ही विवाद छिड़े हुए हैं। फिल्म के खिलाफ पुणे की एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि फिल्म में न्यायपालिका और अदालतों को हास्यास्पद तरीके से दिखाया गया है, जो न्याय व्यवस्था की गरिमा के खिलाफ है।
कोर्ट का नोटिस
याचिका पर सुनवाई करते हुए पुणे की अदालत ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक और कलाकारों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि आखिर क्यों इस तरह की प्रस्तुति की गई और क्यों न इस फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी जाए। इस कानूनी पेंच ने फिल्म की टीम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पहले भी विवादों में रही है ‘जॉली एलएलबी’ सीरीज़
यह पहला मौका नहीं है जब ‘जॉली एलएलबी’ सीरीज़ पर सवाल उठाए गए हों। 2013 में आई पहली फिल्म और 2017 में रिलीज़ हुई ‘जॉली एलएलबी 2’ दोनों पर भी अदालतों की कार्यप्रणाली का मजाक उड़ाने के आरोप लगे थे। उस समय भी कुछ संगठनों ने फिल्म पर बैन लगाने की मांग की थी। हालांकि विवादों के बावजूद दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और सुपरहिट रहीं।
फिल्म का कॉन्सेप्ट और स्टार कास्ट
‘जॉली एलएलबी 3’ में इस बार अक्षय कुमार और अरशद वारसी एक साथ कोर्टरूम में आमने-सामने नज़र आएंगे। जहां अक्षय का किरदार पहले से ही ‘जॉली एलएलबी 2’ में दिखाया जा चुका है, वहीं अरशद वारसी को दर्शक पहले पार्ट से ही वकील ‘जॉली’ के रूप में देख चुके हैं। इस बार कहानी में दोनों वकील आमने-सामने होंगे, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता काफी बढ़ी हुई है।
फैंस की प्रतिक्रिया
जैसे ही यह खबर सामने आई कि फिल्म पर कोर्ट से नोटिस आया है, सोशल मीडिया पर फैंस ने अपनी राय देना शुरू कर दिया। कुछ लोगों का मानना है कि फिल्मकारों को न्यायपालिका जैसे गंभीर संस्थान का मजाक उड़ाने से बचना चाहिए। वहीं, कई दर्शकों का कहना है कि ‘जॉली एलएलबी’ एक व्यंग्यात्मक फिल्म है, जिसका मकसद मनोरंजन के साथ-साथ समाज को संदेश देना है।
रिलीज़ पर मंडरा रहा खतरा
अगर कानूनी विवाद लंबा खिंचता है, तो इससे फिल्म की रिलीज़ डेट पर असर पड़ सकता है। फिल्म के निर्माता पहले ही शूटिंग पूरी करने में काफी मेहनत कर चुके हैं और अब इस तरह का कानूनी नोटिस फिल्म के प्रमोशन और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर प्रभाव डाल सकता है।
निष्कर्ष
‘जॉली एलएलबी 3’ का विवाद एक बार फिर यह साबित करता है कि मनोरंजन और व्यंग्य की आड़ में न्यायपालिका या किसी संवैधानिक संस्था की गरिमा को लेकर सवाल उठ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि फिल्म की टीम इस कानूनी पेंच से कैसे बाहर निकलती है और क्या दर्शकों को यह फिल्म समय पर देखने को मिलेगी या नहीं।