बॉलीवुड में एक नया विवाद जन्म ले चुका है, और इस बार केंद्र में हैं मशहूर पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ। फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को लेकर Federation of Western India Cine Employees (FWICE) ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने निर्माता भूषण कुमार, अभिनेता सनी देओल, और निर्देशक इम्तियाज अली को पत्र लिखकर अपील की है कि वे दिलजीत के साथ काम करने से बचें।
यह विवाद अचानक से तब उभरा जब दिलजीत दोसांझ की पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर के साथ एक म्यूजिक वीडियो और सोशल मीडिया पर उनकी करीबी तस्वीरें वायरल हो गईं। इसके बाद सोशल मीडिया पर विरोध का सिलसिला शुरू हुआ और ‘बॉर्डर 2’ में उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे।
FWICE की आपत्ति का कारण
FWICE का मानना है कि ‘बॉर्डर 2’ जैसी देशभक्ति पर आधारित फिल्म में किसी ऐसे कलाकार को लेना “राष्ट्र की भावना के विपरीत” है, जो हाल ही में किसी पाकिस्तानी कलाकार के साथ नजर आया हो। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जब भारत-पाक संबंध संवेदनशील हों, तब इस तरह की कास्टिंग फिल्म की साख और भावनात्मक जुड़ाव को नुकसान पहुंचा सकती है।
FWICE के महासचिव ने लिखा:
“हम ऐसे किसी भी भारतीय निर्माता, निर्देशक और अभिनेता से अपील करते हैं कि वे ऐसे कलाकारों के साथ काम न करें जो अप्रत्यक्ष रूप से देश की भावना को ठेस पहुंचा सकते हैं।”
‘बॉर्डर 2’ क्यों है महत्वपूर्ण?
1997 में रिलीज हुई ‘बॉर्डर’ एक कल्ट क्लासिक फिल्म रही है, जिसने देशभक्ति की भावना को नए आयाम दिए। इसका सीक्वल ‘बॉर्डर 2’ दर्शकों के लिए एक भावनात्मक वापसी है और इसमें सनी देओल एक बार फिर मेजर कुलदीप सिंह की भूमिका में नजर आने वाले हैं।
दिलजीत दोसांझ को इसमें एक महत्वपूर्ण सैन्य अफसर की भूमिका में लिया गया था। लेकिन अब FWICE के पत्र के बाद उनकी कास्टिंग अधर में लटक गई है। मेकर्स पर भारी दबाव है कि वे इस बारे में जल्द निर्णय लें।
क्या बोले दिलजीत दोसांझ?
अब तक दिलजीत ने कोई सीधा बयान नहीं दिया है, लेकिन उन्होंने एक क्रिप्टिक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा:
“खामोश रहना भी कभी-कभी सबसे बड़ा जवाब होता है।”
यह स्टेटमेंट न तो साफ तौर पर इनकार है और न ही स्वीकार, लेकिन यह बताता है कि वे इस विवाद से वाकिफ हैं और अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं।
सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर #BoycottDiljit ट्रेंड कर चुका है। कुछ लोग FWICE के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है:
- “देशभक्ति के मुद्दों पर समझौता नहीं होना चाहिए।”
- “एक कलाकार को उसके काम से आंकना चाहिए, उसकी निजी पसंद से नहीं।“
- “अगर पाक कलाकारों पर बैन है, तो उनसे जुड़े भारतीय कलाकारों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।“
इम्तियाज अली का क्या रोल?
FWICE ने निर्देशक इम्तियाज अली को भी चेतावनी दी है, जिनका नाम दिलजीत के साथ एक आगामी प्रोजेक्ट में जुड़ा हुआ है। उन्हें भी अपील की गई है कि वे दिलजीत के साथ भविष्य की योजनाओं पर पुनर्विचार करें।
‘बॉर्डर 2’ का भविष्य
फिल्म की शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई है, लेकिन यह 2026 तक रिलीज होने की योजना में है। ऐसे में मेकर्स के पास विकल्प हैं:
- कास्टिंग में बदलाव करें।
- FWICE से बातचीत कर समाधान निकालें।
- बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट करें।
हालांकि भूषण कुमार और सनी देओल ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
निष्कर्ष
दिलजीत दोसांझ का ‘बॉर्डर 2’ से बाहर होना न केवल उनकी छवि पर असर डाल सकता है, बल्कि बॉलीवुड में देशभक्ति आधारित फिल्मों की संवेदनशीलता को लेकर एक नई बहस भी छेड़ सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद का समाधान क्या निकलता है।