बी प्राक—एक ऐसा नाम जिसे आज हर म्यूज़िक लवर जानता है। उनकी दर्द भरी आवाज़, इमोशनल मेलोडी और दिल छू जाने वाले गाने उन्हें इंडस्ट्री के सबसे सफल सिंगर्स में से एक बनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बी प्राक के करियर की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी? हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि वो सिंगर बनें।
🎼 पिता की ख्वाहिश कुछ और थी
बी प्राक का असली नाम प्रतीक बच्छेर है। उनका जन्म एक संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था। उनके पिता विरेंद्र बच्छेर खुद एक म्यूजिक डायरेक्टर रहे हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वही अपने बेटे को गायकी के पेशे में नहीं देखना चाहते थे।
बी प्राक ने बताया,
“पापा चाहते थे कि मैं म्यूजिक डायरेक्शन में जाऊं, प्रोड्यूसिंग सीखूं। उनका मानना था कि सिंगिंग में बहुत संघर्ष है और कम ही लोग सफल हो पाते हैं।”
पिता की यह सोच इस डर पर आधारित थी कि बेटा असफल होकर टूट न जाए।
🎧 बी प्राक की ज़िद और संघर्ष
बी प्राक ने अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध जाकर सिंगिंग को चुना। शुरुआत में उन्हें काफी रिजेक्शन झेलना पड़ा। उनकी आवाज़ को कई बार “बहुत भारी”, “ग़मगीन” और “रफ” कहकर नकार दिया गया।
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद को ट्रेन किया, अपनी आवाज़ पर काम किया और आखिरकार पंजाबी इंडस्ट्री में गाना ‘मन भारिया’ ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया।
इस गाने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ‘तेरी मिट्टी’, ‘रांझा’, ‘फिलहाल’, और ‘फिलहाल 2’ जैसे गाने लोगों के दिलों पर राज करने लगे।
🧔 पिता को कैसे मिला बेटे पर गर्व?
बी प्राक बताते हैं कि जब उन्होंने ‘तेरी मिट्टी’ गाया और वो देशभक्ति गीत बनकर हर दिल को छू गया, तब उनके पिता की आंखों में आंसू थे।
“उस दिन पहली बार पापा ने मुझे गले लगाया और कहा, ‘तू सही था बेटा। मैं तुझसे गलत था।’”
यह पल बी प्राक के लिए सबसे यादगार था, जब उन्होंने न सिर्फ अपने सपने को पूरा किया, बल्कि अपने पिता का विश्वास भी जीत लिया।
🎶 बी प्राक का संदेश युवा गायकों को
बी प्राक मानते हैं कि टैलेंट से ज्यादा जरूरी है फोकस और धैर्य। वो युवा गायकों को सलाह देते हैं कि अगर परिवार या समाज सपोर्ट न भी करे, तो भी हार न मानें।
“अगर मन से चाहो और दिल से गाओ, तो कोई नहीं रोक सकता।”
📀 आने वाले प्रोजेक्ट्स
बी प्राक अब सिर्फ सिंगर नहीं, बल्कि एक म्यूजिक कंपोजर के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने हाल ही में बताया कि वो कुछ बॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज के लिए साउंडट्रैक पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, उनका अगला सोलो एल्बम “जख्म” जल्द ही रिलीज़ होने वाला है।
🔚 निष्कर्ष
बी प्राक की कहानी सिर्फ एक सिंगर की सफलता की नहीं, बल्कि एक बेटे की जिद और जुनून की है, जिसने सबके खिलाफ जाकर अपने सपने को सच किया। आज वो सिर्फ अपने पापा के नहीं, बल्कि पूरे देश के गर्व बन चुके हैं।
उनकी आवाज़ में जो दर्द और सच्चाई है, वो शायद उसी संघर्ष की देन है जो उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में झेला।