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Son Of Sardaar 2 Review: जस्सी की धमाकेदार वापसी, कॉमेडी और देसी एक्शन का फुल टॉस

करीब एक दशक बाद अजय देवगन ने अपने चहेते किरदार जसविंदर सिंह रंधावा उर्फ जस्सी को फिर से पर्दे पर जिंदा किया है, और इस बार और भी ज्यादा मस्ती, पागलपन और देसी स्टाइल लेकर। ‘सोन ऑफ सरदार 2’ एक मसाला एंटरटेनर है, जो पूरी तरह से फैमिली ड्रामा, कॉमेडी और ऐक्शन के तड़के से भरपूर है।

पहली फिल्म की तरह ही सीक्वल में भी पंजाबी कल्चर, ऊंची आवाज़ों में संवाद, रंग-बिरंगे कपड़े, और ढेर सारा ड्रामा है, जो आपको हंसाने के लिए काफी है।


🎬 कहानी का सार:

जस्सी अब एक बिजनेसमैन बन चुका है, लेकिन उसकी किस्मत उसे फिर से अपने गांव और पुराने झगड़ों में खींच लाती है। गांव के दुश्मनों से उसकी टक्कर, पुराने रिश्तों की कशमकश, और एक बार फिर से प्यार के बीच उलझे जस्सी की जिंदगी में एक बार फिर से धमाल मचता है।

कहानी ज्यादा नई नहीं है, लेकिन किरदारों की एनर्जी और पंचलाइन डायलॉग्स इसे ताजगी देते हैं। बालेंद्र सिंह (संजय मिश्रा) और गुरप्रीत (जॉनी लीवर) जैसे किरदार पूरी फिल्म को कॉमिक टाइमिंग से मजबूत बनाते हैं।


🧑‍🎤 अभिनय:

  • अजय देवगन जस्सी के किरदार में पूरे जोश में हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग, एक्शन सीन और पंचलाइन आपको पहले पार्ट की याद दिलाएंगे।
  • संजय मिश्रा और जॉनी लीवर ने कॉमेडी में जान डाल दी है। दोनों की जुगलबंदी फिल्म का मजबूत पक्ष है।
  • नयी अभिनेत्री (मान लीजिए तारा सुतारिया) को ग्लैमर और रोमांस का तड़का देने के लिए रखा गया है, लेकिन उनका किरदार सीमित है।
  • मुकुल देव की एंट्री बतौर विलेन थोड़ी हल्की लगती है।

🎬 निर्देशन और तकनीकी पक्ष:

फिल्म का निर्देशन किया है आशीष आर. मोहन ने, जो पहले भाग से भी जुड़े थे। उन्होंने इस बार स्क्रिप्ट में ज्यादा एक्शन और पंजाबी टच जोड़ा है, लेकिन कहानी में कोई नयापन नहीं है।

सिनेमैटोग्राफी शानदार है। गांव की लोकेशन्स, खेत-खलिहान, और भांगड़ा-गिद्दा वाले सीन विजुअली दिल जीत लेते हैं।

फिल्म का संगीत पंजाबी बीट्स से भरपूर है। ‘बोले सो निहाल’ और ‘दारू दी बोतल’ जैसे गाने यंग ऑडियंस को पसंद आएंगे।


💪 फिल्म की खास बातें:

  • अजय देवगन का देसी स्वैग
  • पंचलाइन और कॉमिक टाइमिंग
  • रंगीन पंजाबी परिवेश
  • जॉनी लीवर और संजय मिश्रा का कॉमेडी धमाका
  • फैमिली एंटरटेनमेंट

कमजोर पक्ष:

  • कहानी में नयापन नहीं
  • विलेन कमजोर
  • रोमांस कमजोर और जल्दबाज़ी में निपटाया गया
  • सेकंड हाफ में कुछ जगह फिल्म खिंचती है

निष्कर्ष:

सोन ऑफ सरदार 2‘ को देखकर आप उम्मीद नहीं कर सकते कि यह कोई कंटेंट ड्रिवन फिल्म है, लेकिन अगर आप कुछ घंटों की बेवकूफियों से भरी हंसी और देसी एक्शन कॉमेडी चाहते हैं, तो यह फिल्म निराश नहीं करेगी।

अजय देवगन फुल जोश में हैं और उनकी वापसी फैमिली ऑडियंस के लिए एक ट्रीट है। इस फिल्म को देखकर एक ही बात कही जा सकती है—हंसते-हंसते पेट दुख जाएगा!

रेटिंग: ⭐⭐⭐🌟 (3.5/5)


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