बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया है। 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद तमाम सितारे उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इसी बीच सुपरस्टार सलमान खान ने भी अपने स्तर पर बड़ा फैसला लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर के सम्मान में सलमान खान ने मुंबई में होने वाला अपना एक बड़ा इवेंट फिलहाल टाल दिया। यह कार्यक्रम 8 अक्टूबर को बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में आयोजित होना था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सलमान खान को इस कार्यक्रम में एक रियल एस्टेट कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के साथ शामिल होना था। इवेंट के लिए तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं और शाम करीब 6 बजे कार्यक्रम शुरू होने की योजना थी। लेकिन इसी बीच नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आई। फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल देखते हुए कार्यक्रम को आगे के लिए स्थगित कर दिया गया। यह फैसला सलमान और आयोजकों की ओर से दिवंगत अभिनेता को सम्मान देने के तौर पर लिया गया बताया जा रहा है।
सलमान खान और नाना पाटेकर का रिश्ता सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं था। दोनों ने साल 1996 में आई फिल्म ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ में साथ काम किया था। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में नाना पाटेकर ने जोसेफ का किरदार निभाया था, जबकि सलमान खान ने राज की भूमिका निभाई थी। फिल्म की कहानी और कलाकारों के अभिनय को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। ऐसे में नाना के निधन की खबर सलमान के लिए भी निजी तौर पर भावुक करने वाली रही होगी।
नाना पाटेकर के निधन की खबर ने गुरुवार को बॉलीवुड में शोक की लहर पैदा कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका निधन गोवा स्थित घर पर कार्डियक अरेस्ट के बाद हुआ। पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में नाना ने हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ-साथ थिएटर में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी दमदार आवाज, तीखे संवाद और किरदारों में जान डाल देने की क्षमता ने उन्हें बाकी कलाकारों से अलग मुकाम दिया।
नाना पाटेकर ने अपने करियर में गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमेडी तक कई तरह के किरदार निभाए। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग अंदाज देखने को मिले। खास बात यह रही कि वह किसी एक तरह के किरदार तक सीमित नहीं रहे। एक तरफ उन्होंने गंभीर और संवेदनशील भूमिकाओं से दर्शकों को प्रभावित किया, वहीं दूसरी ओर ‘वेलकम’ जैसी फिल्म में अपने कॉमिक अंदाज से लोगों को खूब हंसाया।
उनके निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का फैसला किया। नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पुणे लाया गया, जहां परिवार, फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके अंतिम सफर में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
सलमान खान का इवेंट स्थगित करना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि नाना और सलमान ने एक ही फिल्म में साथ काम करने के बावजूद दोनों की फिल्मी यात्राएं काफी अलग रहीं। नाना पाटेकर अपने गंभीर और यथार्थवादी अभिनय के लिए पहचाने गए, जबकि सलमान खान ने मुख्य रूप से स्टारडम और बड़े पैमाने की मनोरंजक फिल्मों के जरिए अपनी पहचान बनाई। इसके बावजूद दोनों कलाकारों का ‘खामोशी’ से जुड़ा अध्याय हिंदी सिनेमा में आज भी याद किया जाता है।
सलमान खान ने नाना के निधन के बाद सोशल मीडिया पर भी उन्हें याद किया और उन्हें प्यार से ‘भाऊ’ कहकर श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही मुंबई के कार्यक्रम को टालने का फैसला भी सामने आया। इससे यह संदेश गया कि अभिनेता ने अपने वरिष्ठ सह-कलाकार के निधन के बीच जश्न वाले कार्यक्रम से दूरी बनाना उचित समझा।
फिल्म इंडस्ट्री में किसी कलाकार का निधन सिर्फ उसके परिवार के लिए नहीं, बल्कि उसके साथ काम कर चुके हर व्यक्ति और उसके प्रशंसकों के लिए भी भावुक पल होता है। नाना पाटेकर जैसे कलाकार का जाना इसलिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने कई पीढ़ियों के दर्शकों को अपने अभिनय से प्रभावित किया। उनके किरदारों और संवादों ने सिनेमा की कई यादगार कहानियों को मजबूत बनाया।
सलमान खान का इवेंट टालने का फैसला इसी शोक के माहौल में सामने आया है। एक तरफ जहां उनके कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, वहीं दूसरी तरफ नाना पाटेकर के निधन की खबर ने माहौल बदल दिया। ऐसे समय में कार्यक्रम को स्थगित करना दिवंगत अभिनेता के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका अभिनय और उनका खास अंदाज हमेशा याद किया जाएगा। ‘खामोशी’ में सलमान खान के साथ उनकी जोड़ी से लेकर उनकी अन्य फिल्मों तक, उनका सिनेमा में योगदान बेहद खास रहा है। उनके जाने से बॉलीवुड ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। सलमान खान का कार्यक्रम टालना भी इसी गहरे दुख और सम्मान की भावना को दर्शाता है।