बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार किसी फिल्म या दमदार परफॉरमेंस की वजह से नहीं, बल्कि अपनी एक टिप्पणी को लेकर शुरू हुए विवाद के कारण। हाल ही में एक इवेंट के दौरान रणवीर ने कांतारा फिल्म में दिखाई गई देवी की प्रस्तुति पर ऐसा कमेंट कर दिया, जिसने दर्शकों और धार्मिक भावनाओं से जुड़े लोगों को नाराज़ कर दिया। यह मामला अब सोशल मीडिया से निकलकर सीधे धार्मिक आस्थाओं के दायरे में पहुँच गया है और कई लोग रणवीर के बयान को असंवेदनशील बता रहे हैं।
दरअसल, इवेंट में मौजूद साउथ सुपरस्टार ऋषभ शेट्टी के सामने रणवीर ने कहा कि “कांतारा में दिखाई गई देवी तो भूत लगती है,” जिसके बाद उन्होंने उसकी मिमिक्री करते हुए हंसी-मजाक वाला अंदाज़ अपनाया। यही बात रणवीर के लिए भारी पड़ गई। कांतारा की कहानी और विशेष रूप से ‘दैवा नृत्य’ लाखों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में किसी भी प्रकार की नकारात्मक या उपहास करने वाली टिप्पणी लोगों को बिल्कुल पसंद नहीं आई।
सोशल मीडिया पर गुस्सा, धार्मिक संगठनों ने की कड़ी निंदा
रणवीर के इस बयान का वीडियो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया। ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लोग लगातार अभिनेता के प्रति अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। धार्मिक संगठनों ने भी इस बयान को गलत ठहराते हुए कहा कि परंपराओं और देवत्व से भरी किसी सांस्कृतिक प्रथा को ‘भूत’ कहना अपमानजनक है।
कई यूज़र्स ने यह भी कहा कि बॉलीवुड स्टार्ट्स अक्सर अपनी बातों में सावधानी नहीं रखते और मज़ाकिया लहजे में किसी भी धार्मिक आस्था का मजाक उड़ा देते हैं। इस पूरे विवाद में रणवीर सिंह की आलोचना तेज़ी से बढ़ती जा रही है।
ऋषभ शेट्टी की प्रतिक्रिया – संयमित मगर संजीदा
इस विवाद में सबसे ज्यादा ध्यान ऋषभ शेट्टी की प्रतिक्रिया पर था, क्योंकि वे स्वयं कांतारा के निर्देशक और कलाकार हैं। हालाँकि उन्होंने बयान को लेकर कोई आक्रामक प्रतिक्रिया नहीं दी, पर उनका चेहरा और शांत जवाब इस बात का संकेत था कि वह इस टिप्पणी से असहज जरूर हुए हैं।
सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि ऋषभ का संयम ही उनकी परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है। कई प्रशंसकों का मानना है कि रणवीर को सार्वजनिक मंचों पर बोलते हुए अधिक संवेदनशील रहना चाहिए।
रणवीर की सफाई – ‘मजाक में कहा, किसी की भावनाएँ ठेस पहुँचाना उद्देश्य नहीं’
विवाद बढ़ता देख रणवीर सिंह की टीम ने स्पष्टीकरण जारी किया कि उनका इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था। उन्होंने कहा कि यह मात्र एक हल्का-फुल्का मजाक था, जिसे गलत अर्थों में लिया गया है।
हालाँकि दर्शकों का एक बड़ा वर्ग मान रहा है कि धार्मिक और सांस्कृतिक प्रथाओं पर टिप्पणी करते हुए एक पब्लिक फिगर को अधिक संवेदनशील और जागरूक होना चाहिए। कई लोग इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त भी बता रहे हैं।
धार्मिक भावनाएं और सेलिब्रिटी जिम्मेदारी – फिर शुरू हुई बहस
यह विवाद फिर से उस पुराने सवाल को उठा देता है—क्या पब्लिक फिगर्स को बोलने से पहले अधिक सतर्क होना चाहिए? सोशल मीडिया के दौर में छोटी से छोटी बात भी मिनटों में आग की तरह फैल जाती है, और लोगों की धार्मिक भावनाएं इतनी संवेदनशील होती हैं कि जरा सी टिप्पणी भी बड़े विवाद का रूप ले सकती है।
रणवीर सिंह जैसे बड़े कलाकारों की बातों का प्रभाव भी ज्यादा होता है। इसलिए उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे कला, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े विषयों पर बेहद संजीदगी से बोलें।
क्या विवाद का असर पड़ेगा ‘धुरंधर’ पर?
रणवीर सिंह की आगामी फिल्म ‘धुरंधर’ रिलीज के मुहाने पर है। इस विवाद के चलते कई लोग कह रहे हैं कि इसका असर फिल्म की पब्लिसिटी और फैन-बेस पर पड़ सकता है। हालांकि इसका सही प्रभाव रिलीज के बाद ही दिखाई देगा, लेकिन विवादित बयान निश्चित रूप से फिल्म की टीम के लिए एक अनचाहा सरप्राइज बन गया है।
निष्कर्ष
रणवीर सिंह बॉलीवुड के सबसे एनर्जी से भरे और लोकप्रिय सितारों में से एक हैं, लेकिन कभी-कभी उनका बेफिक्र और मजाकिया अंदाज़ उन्हें मुश्किलों में डाल देता है। कांतारा जैसी सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण फिल्म की देवी को ‘भूत’ कहकर मिमिक्री करना शायद एक हल्का मजाक था, लेकिन वह आस्था और सम्मान के संवेदनशील दायरे में कदम रख गया।
अब देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद कहां तक जाता है और क्या रणवीर आगे इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं या नहीं।