बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह हाल ही में उस समय विवादों के घेरे में आ गए, जब उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान फिल्म ‘कांतारा’ में दिखाई गई देवी की प्रस्तुति को ‘भूत’ कहकर उसकी मिमिक्री की। यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई और लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं का अनादर बताया। मामला इतना बढ़ गया कि उनके खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कर दी गई। एक्टर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने और सांस्कृतिक परंपराओं का अपमान करने के आरोप लगाए गए।
विवाद बढ़ता देख अब रणवीर सिंह ने इस मुद्दे पर माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी का दिल दुखाना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी एक हल्के-फुल्के मजाक के रूप में कही गई थी, लेकिन अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
कांतारा की देवी पर टिप्पणी—कैसे शुरू हुआ विवाद?
पूरे विवाद की शुरुआत एक प्रमोशनल इवेंट से हुई, जिसमें रणवीर सिंह ने मंच पर मौजूद साउथ सुपरस्टार और निर्देशक ऋषभ शेट्टी के सामने कांतारा में दिखाई गई देवी की एक्टिंग की नकल उतारी। मजाक में कही गई उनकी यह बात—“कांतारा की देवी तो भूत जैसी लगती है”—लोगों को बिल्कुल पसंद नहीं आई।
‘दैवा नृत्य’ सिर्फ एक परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि दक्षिण भारत की परंपरा, विश्वास और देवत्व का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की नकारात्मक टिप्पणी को दर्शक असम्मानजनक मानते हैं।
सोशल मीडिया पर गुस्से की लहर
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर विवाद की बाढ़ आ गई।
- कई लोगों ने रणवीर के बयान को “असंवेदनशील” कहा
- कुछ यूजर्स ने इसे “सांस्कृतिक अज्ञानता” बताया
- धार्मिक समूहों ने इसे “देवत्व का अपमान” मानते हुए विरोध दर्ज किया
वीडियो के वायरल होने के बाद नेटिज़न्स ने उनकी फिल्मों के बहिष्कार की मांग भी उठाई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
शिकायत दर्ज—कानूनी मोर्चा भी खुला
विवाद केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। कुछ धार्मिक संगठनों की ओर से रणवीर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी गई है। आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से हिंदू परंपराओं और देवत्व से जुड़े तत्वों का उपहास किया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक सेलिब्रिटी होने के नाते रणवीर के शब्दों का प्रभाव व्यापक होता है, इसलिए उनकी जिम्मेदारी और भी अधिक है।
रणवीर सिंह की सफाई और माफी
जैसे-जैसे विवाद बढ़ता गया, रणवीर सिंह ने अपनी टीम के माध्यम से बयान जारी करते हुए कहा:
- उनकी टिप्पणी केवल मजाक में कही गई थी
- किसी भी धार्मिक भावना को आहत करना उनका उद्देश्य नहीं था
- अगर किसी को दुख पहुंचा है तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं
रणवीर ने यह भी कहा कि वे कला और संस्कृति का बहुत सम्मान करते हैं और कांतारा जैसी फिल्मों की परंपरा को समझते हैं।
उनकी यह माफी कई लोगों के लिए संतोषजनक रही, पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि कलाकारों को ऐसे मामलों में शुरुआत से ही संवेदनशील होना चाहिए।
ऋषभ शेट्टी का संयम—साउथ फैंस ने की सराहना
इस विवाद में एक महत्वपूर्ण पहलू ऋषभ शेट्टी की प्रतिक्रिया भी रही, जो इवेंट के दौरान उपस्थित थे। उन्होंने सीधे किसी आलोचना का जवाब नहीं दिया, लेकिन उनका शांत, संयमित व्यवहार प्रशंसकों को काफी प्रभावित कर गया।
फैंस ने कहा कि ऋषभ ने परंपराओं का सम्मान बनाए रखते हुए विवाद को और भड़कने से बचाया। वहीं, कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि रणवीर को उनसे सीख लेनी चाहिए।
क्या विवाद का असर पड़ेगा रणवीर की फिल्मों पर?
रणवीर सिंह की आने वाली फिल्में रिलीज़ के कगार पर हैं, ऐसे में यह विवाद उनके लिए बिल्कुल भी सुखद नहीं है। फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट्स मानते हैं कि विवाद लंबे समय तक जारी रहा तो इसका असर फिल्मों की ओपनिंग पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, बॉलीवुड में इससे पहले भी कई सितारे विवादों में घिरे और बाद में सामान्य स्थिति में लौट आए हैं। रणवीर की माफी इस विवाद को शांत करने में कितनी सफल होगी, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा।
निष्कर्ष
रणवीर सिंह का विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि पब्लिक फिगर्स को बोलते समय कितनी जिम्मेदारी बरतनी चाहिए। भारत जैसे विविध आस्थाओं वाले देश में धार्मिक भावनाएं बेहद संवेदनशील होती हैं। एक छोटी सी टिप्पणी भी लाखों लोगों को प्रभावित कर सकती है।
रणवीर की माफी ने स्थिति को कुछ हद तक शांत जरूर किया है, लेकिन यह घटना कलाकारों के लिए एक याद दिलाती है कि मजाक और अनादर के बीच की लकीर बहुत पतली होती है।