नेपाल में आयोजित एक बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान पाकिस्तानी रैपर और यंग स्टनर्स ग्रुप के मशहूर कलाकार तल्हा अंजुम अचानक चर्चा में आ गए। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें वह भारतीय दर्शकों के बीच खड़े होकर भारतीय तिरंगा लहरा रहे हैं। यह दृश्य जितना हैरान करने वाला था, उतनी ही तेजी से इस पर विवाद भी शुरू हो गया। पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे लेकर नाराज़गी जताई, वहीं भारत के फैंस ने तल्हा के इस कदम की जमकर तारीफ की।
तल्हा अंजुम का तिरंगा लहराना सिर्फ एक सामान्य स्टेज मूव नहीं था, बल्कि ऐसा कदम था जिसने दोनों देशों के फैंस के बीच बहस छेड़ दी। शुरुआत में कई पाकिस्तानी दर्शकों ने दावा किया कि यह वीडियो एडिटेड है, मगर बाद में तल्हा ने खुद अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह इसे लेकर बिल्कुल पीछे हटने वाले नहीं।
कॉन्सर्ट में क्यों लहराया तिरंगा?
कॉन्सर्ट में मौजूद भारतीय फैंस की भारी मौजूदगी के बीच किसी ने स्टेज की तरफ तिरंगा थमा दिया। तल्हा अंजुम ने बिना झिझक उसे उठाया और लहराते हुए कहा—
“अगर झंडा उठाने से विवाद होता है तो होने दो। मैं वही करूंगा जो मुझे सही लगता है।”
उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलकर नई बहस को जन्म दे दिया। कई पाकिस्तानी लोगों ने इसे “नैशनल प्राइड” के खिलाफ बताया, जबकि भारत में अंजुम को “स्पोर्ट्समैनशिप और ब्रॉड माइंडेडनेस” का प्रतीक कहा गया।
विवाद बढ़ा तो सिंगर का गुस्सा भी फूटा
विवाद बढ़ने के बाद तल्हा अंजुम ने एक और बयान जारी किया। उन्होंने लिखा कि वह किसी देश से नफरत नहीं करते और कलाकार होने के नाते उन्हें सीमाओं से परे सोचने का अधिकार है।
उन्होंने कहा—
“मैं जहां जाऊं, वहां के लोगों का सम्मान करता हूं। अगर किसी को इससे दिक्कत है तो ये उनकी सोचना है, मेरी नहीं।”
उनके इस बयान ने एक बार फिर इंटरनेट पर हलचल मचा दी।
भारतीय फैंस ने जताया समर्थन
भारत के फैंस ने तल्हा की तारीफ करते हुए कहा कि उनके इस कदम ने दिखा दिया कि कला की कोई सीमा नहीं होती। सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने लिखा—
“तल्हा ने साबित किया कि कलाकार दिल से सोचते हैं, राजनीति से नहीं।”
नेपाली दर्शकों ने भी कॉन्सर्ट के उस पल को यादगार बताया और कहा कि ये कार्यक्रम शांति और संगीत की एकता का प्रतीक बन गया।
पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर विरोध क्यों?
पाकिस्तान की सोशल मीडिया ब्रिगेड का मानना है कि किसी भी पाकिस्तानी कलाकार को दूसरे देश के राष्ट्रीय ध्वज को मंच पर उठाने से परहेज करना चाहिए। कुछ लोगों ने तो इसे ‘राष्ट्र विरोधी’ तक बता दिया। वहीं पाकिस्तानी मीडिया ने भी इस घटना को मिश्रित प्रतिक्रियाओं के साथ कवरेज दिया।
कलाकारों के लिए सीमाएं मायने नहीं रखतीं
संगीत और कला हमेशा सीमाओं से बड़ी रही है। तल्हा अंजुम का यह कदम उसी सोच का प्रतीक लगता है जिसमें कलाकार दुनिया को देखकर प्रतिक्रिया देते हैं, न कि सीमाओं और राजनीति को देखकर।
भारत, नेपाल और पाकिस्तान के फैंस का यह मिश्रित माहौल दिखाता है कि कला आज भी लोगों को जोड़ने की ताकत रखती है।
निष्कर्ष
तल्हा अंजुम द्वारा तिरंगा लहराना एक साधारण घटना नहीं बल्कि इस बात की मिसाल है कि कलाकार अपने दिल की सुनते हैं और संगीत सीमाओं से परे एक भाषा बनकर उभरता है। विवाद के बावजूद तल्हा का यह स्टैंड उनकी सोच और उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है। चाहे कोई इसे बहादुरी कहे या विवाद, लेकिन एक बात तो तय है—तल्हा अंजुम इस घटना के बाद और भी ज्यादा सुर्खियों में आ गए हैं।