रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसके किरदारों, लुक और कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा होती रही है। अब अभिनेता मुकेश खन्ना ने फिल्म से जुड़े कुछ पहलुओं पर सवाल उठाते हुए अपनी राय सामने रखी है। महाभारत में भीष्म पितामह का यादगार किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना ने रामायण जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक विषय को पर्दे पर पेश करने के तरीके को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है।
मुकेश खन्ना का कहना है कि भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले कलाकार को केवल एक अभिनेता के तौर पर नहीं, बल्कि उस चरित्र की गरिमा और व्यक्तित्व को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने फिल्म में श्रीराम के चित्रण को लेकर अपनी आपत्ति जताई और कहा कि धार्मिक किरदारों को निभाते समय कलाकार के व्यक्तित्व और स्क्रीन प्रेजेंस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उनके बयान में पुराने दौर के कलाकारों का भी जिक्र आया। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि पहले बड़े सितारों को भी धार्मिक किरदारों में देखने को लेकर दर्शकों की अपनी धारणाएं थीं और अब रणबीर कपूर को श्रीराम के रूप में पेश किया जा रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने सलमान खान और अमिताभ बच्चन जैसे सितारों का उदाहरण दिया।
मुकेश खन्ना की सबसे बड़ी आपत्ति फिल्म के एक्शन सीन्स को लेकर बताई जा रही है। उनका मानना है कि ‘रामायण’ केवल एक सामान्य मनोरंजक फिल्म नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था से जुड़ी कथा है। इसलिए इसके युद्ध और एक्शन दृश्यों को भी उसी भाव और मर्यादा के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। अगर कहानी में जरूरत से ज्यादा आधुनिक या फिल्मी एक्शन जोड़ा जाता है, तो उससे मूल कथा की गंभीरता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रामायण के पात्रों को सुपरहीरो की तरह प्रस्तुत करने के बजाय उनकी मानवीय संवेदनाओं, आदर्शों और मर्यादा को केंद्र में रखना चाहिए।
‘रामायण’ का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं और फिल्म को बड़े पैमाने पर तैयार किया जा रहा है। फिल्म से जुड़े विजुअल्स और इसके निर्माण को लेकर पहले से ही काफी चर्चा है। रणबीर कपूर के श्रीराम बनने की खबर सामने आने के बाद से ही यह फिल्म बॉलीवुड की सबसे चर्चित परियोजनाओं में शामिल हो गई थी। साई पल्लवी के सीता के किरदार में होने और यश के रावण की भूमिका निभाने की खबर ने भी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाई है। फिल्म के बड़े बजट और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोडक्शन को देखते हुए दर्शक यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि निर्माताओं ने इस पौराणिक कथा को आधुनिक सिनेमा की भाषा में किस तरह पेश किया है।
मुकेश खन्ना खुद धार्मिक और पौराणिक किरदारों से जुड़े अभिनेता रहे हैं। ‘महाभारत’ में भीष्म पितामह के किरदार ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बनाया था। यही वजह है कि जब वह किसी पौराणिक फिल्म या किरदार को लेकर अपनी राय रखते हैं, तो उनके बयान पर दर्शकों का ध्यान जाता है। उनके लिए पौराणिक पात्र केवल अभिनय का हिस्सा नहीं रहे, बल्कि इन किरदारों की सामाजिक और सांस्कृतिक छवि भी महत्वपूर्ण रही है। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने ‘रामायण’ के मेकिंग और किरदारों को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।
हालांकि, फिल्म के बारे में अंतिम राय इसे देखने के बाद ही बनाई जा सकती है। किसी भी फिल्म का टीजर, पोस्टर, लीक तस्वीर या कलाकार का बयान उसके अंतिम अनुभव को पूरी तरह नहीं दर्शाता। ‘रामायण’ के निर्माताओं ने भी कहानी को बड़े स्तर पर पेश करने की तैयारी की है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म धार्मिक आस्था, पारंपरिक कथा और आधुनिक सिनेमाई तकनीक के बीच किस तरह संतुलन बनाती है। रणबीर कपूर के लिए भी श्रीराम का किरदार उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक माना जा सकता है।
फिलहाल मुकेश खन्ना के बयान ने ‘रामायण’ को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है। फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें पहले से काफी ज्यादा हैं और अब लोगों की नजर इस बात पर है कि भगवान श्रीराम के किरदार को पर्दे पर किस तरह पेश किया जाएगा। एक तरफ दर्शक भव्य विजुअल्स और आधुनिक तकनीक की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ धार्मिक कथा की मर्यादा और भावनाओं को बनाए रखना भी फिल्म के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में मुकेश खन्ना की आपत्ति ने इसी बहस को एक नया विषय दे दिया है।