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करीना कपूर का बड़ा बयान: ‘एनिमल’ और ‘धुरंधर’ जैसी हिंसा प्रधान फिल्मों पर बोलीं—अब ऐसे सिनेमा में मजा नहीं आता

बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान ने हाल ही में फिल्मों में बढ़ती हिंसा और एक्शन के ट्रेंड को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि आजकल कई फिल्मों में अत्यधिक हिंसा और आक्रामकता दिखाई जा रही है, लेकिन उनके अनुसार इस तरह की फिल्मों में उन्हें ज्यादा मजा नहीं आता। उनका मानना है कि सिनेमा का असली आकर्षण मजबूत कहानी और भावनात्मक गहराई में होना चाहिए।

करीना कपूर का यह बयान उस समय आया है जब हाल के वर्षों में कई एक्शन और हिंसा प्रधान फिल्में चर्चा में रही हैं। खास तौर पर Animal जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की है। इसी तरह आने वाली एक्शन फिल्मों में धुरंधर का नाम भी चर्चा में है। इन फिल्मों में एक्शन, डार्क किरदार और आक्रामक कहानी को प्रमुखता दी जा रही है।

एक इंटरव्यू के दौरान करीना कपूर ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से ऐसी फिल्मों से ज्यादा जुड़ाव महसूस नहीं करतीं, जिनमें सिर्फ हिंसा या आक्रामकता को दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि सिनेमा में भावनाएं, रिश्ते और मानवीय पहलू भी उतने ही जरूरी होते हैं। उनके अनुसार दर्शकों को सिर्फ एक्शन नहीं, बल्कि ऐसी कहानियां भी पसंद आती हैं जो दिल को छू जाएं।

करीना कपूर का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में अलग-अलग तरह की फिल्मों के लिए जगह होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर दौर में सिनेमा के ट्रेंड बदलते रहते हैं। कभी रोमांटिक फिल्में ज्यादा बनती हैं, तो कभी एक्शन फिल्मों का दौर आता है। लेकिन एक कलाकार के रूप में वह ऐसी फिल्मों को ज्यादा महत्व देती हैं, जिनमें किरदारों की भावनात्मक यात्रा और कहानी की गहराई दिखाई देती है।

करीना कपूर ने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए हैं। रोमांटिक फिल्मों से लेकर कॉमेडी और गंभीर भूमिकाओं तक उन्होंने हर तरह की फिल्मों में काम किया है। ‘जब वी मेट’, ‘ओमकारा’ और ‘तलाश’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय की काफी सराहना हुई है। यही वजह है कि वह आज भी बॉलीवुड की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में से एक मानी जाती हैं।

अभिनेत्री ने यह भी कहा कि दर्शकों का स्वाद समय के साथ बदलता रहता है। इसलिए फिल्म निर्माताओं के लिए यह जरूरी है कि वे नए प्रयोग करते रहें। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हर तरह की फिल्में अपने दर्शक ढूंढ लेती हैं। कुछ लोग एक्शन पसंद करते हैं, तो कुछ लोग भावनात्मक कहानियों को प्राथमिकता देते हैं।

करीना कपूर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग उनके विचारों से सहमत नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि आज के दौर में एक्शन फिल्मों का अलग ही आकर्षण है। हालांकि यह साफ है कि करीना कपूर ने अपनी राय बहुत ईमानदारी से रखी है और सिनेमा के बदलते स्वरूप पर एक दिलचस्प बहस छेड़ दी है।

कुल मिलाकर, करीना कपूर का यह बयान सिनेमा की दिशा और उसके बदलते ट्रेंड पर एक अहम टिप्पणी माना जा रहा है। इससे यह भी साफ होता है कि एक कलाकार के रूप में वह सिनेमा को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भावनाओं और कहानियों का माध्यम मानती हैं।

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