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धर्मेंद्र के बचपन का रोल निभाने से इक्कीस तक, बॉबी देओल भावुक हुए, डबिंग यादों ने किया इमोशनल और गर्वित

धर्मेंद्र के बचपन का किरदार निभाने से लेकर आज एक बड़े और सम्मानित अभिनेता बनने तक बॉबी देओल का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। हाल ही में फिल्म ‘इक्कीस’ की स्क्रीनिंग के दौरान बॉबी देओल ने अपने पुराने दिनों को याद किया और इमोशनल हो गए। खास बात यह रही कि इस फिल्म में उन्होंने डायलॉग्स को अपनी आवाज़ से डब किया और जब उन्होंने पर्दे पर खुद को देखा, तब उन्हें अपना बचपन, पिता धर्मेंद्र की यादें और अब तक का पूरा सफर एक साथ याद आ गया। यह क्षण उनके लिए ‘फुल सर्कल मोमेंट’ जैसा था, जहां शुरुआत और वर्तमान एक ही जगह आकर मिलते हुए महसूस हुए।

बॉबी देओल ने अपने करियर की शुरुआत ग्लैमर और स्टार इमेज के साथ की थी, लेकिन उनके अभिनय सफर में उतार-चढ़ाव भी खूब रहे। कई दौर ऐसे आए जब बॉबी फिल्मों से दूर हो गए, लाइमलाइट कम हो गई, पर उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हाल के वर्षों में उन्होंने अपनी मेहनत, नई सोच और दमदार किरदारों से फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ स्टार किड नहीं, बल्कि एक मजबूत परफॉर्मर हैं। ‘इक्कीस’ के जरिए उन्होंने फिर दिखा दिया कि वह हर किरदार में अपने दिल की भावनाएं डालते हैं। इस फिल्म के डायलॉग्स डब करते समय भी वे बेहद भावुक रहे, क्योंकि उन्हें अपने पिता और अपने शुरुआती करियर की झलक दिखाई देती रही।

धर्मेंद्र से बॉबी का रिश्ता सिर्फ पिता-पुत्र का नहीं, बल्कि प्रेरणा और गर्व का भी है। बॉबी कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि उन्होंने एक्टिंग, स्टेज पर खड़े रहने की ताकत और दर्शकों का सम्मान करना अपने पिता से सीखा है। जब वह छोटे थे और धर्मेंद्र का किरदार निभाते थे, तब शायद उन्हें इस सफर की गहराई का अंदाजा नहीं था। लेकिन आज जब वह खुद एक सम्मानित और परिपक्व अभिनेता बन चुके हैं, तो उस शुरुआती किरदार का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है। यही वजह है कि ‘इक्कीस’ के मौके पर उनकी आंखें नम हो गईं और दिल इमोशंस से भर उठा।

‘इक्कीस’ की स्क्रीनिंग में जब बॉबी देओल पहुंचे, तो उनकी सादगी, पुरानी यादों से जुड़ाव और भावुक स्वभाव ने सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट से उनकी भावनात्मक जुड़ाव इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि यह उन्हें उनके परिवार, करियर और संघर्ष के दौर की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जिंदगी में कुछ पल ऐसे होते हैं, जब आप पीछे मुड़कर देखते हैं और महसूस करते हैं कि कितना लंबा रास्ता तय कर लिया है। यही एहसास उन्हें इस फिल्म से मिला।

आज बॉबी देओल सिर्फ बॉलीवुड के एक बड़े नाम नहीं, बल्कि उस संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास का उदाहरण हैं, जो हर कलाकार को प्रेरित करता है। जिस तरह उन्होंने वापसी की, खुद को बदला, नए तरह के किरदार चुने और दर्शकों का प्यार फिर हासिल किया, वह अपने आप में सराहनीय है। ‘इक्कीस’ उनके करियर का सिर्फ एक और प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक भावनात्मक पड़ाव है, जिसने उनके दिल में अपने लिए एक खास जगह बना ली है।

आज उनके फैन्स भी गर्व महसूस करते हैं कि जिस बच्चे ने कभी धर्मेंद्र का बचपन निभाया था, वही आज अपने दम पर बॉलिवुड में नई पहचान गढ़ रहा है। बॉबी देओल की भावुकता, उनका सफर और उनकी सच्चाई यही बताती है कि मेहनत और लगन के आगे वक्त भी झुक जाता है। आने वाले समय में दर्शक उनसे और भी दमदार और यादगार परफॉर्मेंस की उम्मीद कर रहे हैं।

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