बॉलीवुड की पॉपुलर एडल्ट-कॉमेडी फ्रेंचाइज़ी ‘मस्ती’ चौथी बार बड़े पर्दे पर लौटने की तैयारी कर रही है। लेकिन रिलीज़ से पहले ही ‘मस्ती 4’ विवादों के घेरे में आ गई है।
सूत्रों के अनुसार सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म में मौजूद लगभग 39 सेकेंड के ऐसे सीन्स और डायलॉग्स पर आपत्ति जताई है, जिन्हें वह दर्शकों के लिए अनुचित मानता है। इन दृश्यों को बहुत ज्यादा अश्लील और गंदी भाषा वाला बताते हुए बोर्ड ने फिल्म को स्क्रीनिंग के लिए पास करने से पहले काटने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले से फिल्म से जुड़े लोग हैरान भी हैं और परेशान भी, क्योंकि कॉमेडी फ़िल्म होने के बावजूद सेंसर बोर्ड ने इस बार बेहद सख्ती दिखाई है।
CBFC को किन सीन्स पर थी आपत्ति?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड को फिल्म के कुछ दृश्यों से बड़ी आपत्ति थी—
- महिलाओं पर आधारित डबल मीनिंग डायलॉग्स,
- कुछ इंटिमेट सिचुएशन,
- और लगभग 39 सेकेंड का एक बोल्ड मोंटाज।
बोर्ड ने स्पष्ट कहा कि ऐसे दृश्य सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए उपयुक्त नहीं हैं और उन्हें हटाना ही होगा।
इसके अलावा कुछ डायलॉग्स को बदलकर कम अश्लील बनाने के लिए भी कहा गया है।
फिल्म के मेकर्स ने आगे कोई विवाद न बढ़े, इसलिए इन सभी कट्स को मान लिया है और रिवाइज्ड वर्ज़न बोर्ड को जमा कर दिया है।
फिल्म की टीम की प्रतिक्रिया—”हँसी का मतलब अश्लीलता नहीं”
फिल्म से जुड़े एक लेखक ने कहा—
“मस्ती एक एडल्ट कॉमेडी है, लेकिन अश्लीलता हमारी मंशा नहीं थी। हम हंसाना चाहते हैं, शर्मिंदा नहीं करना।”
टीम का मानना है कि
- फिल्म में कुछ सीन सिर्फ फन एलिमेंट के लिए जोड़े गए थे,
- लेकिन बोर्ड इस बार बेहद कंसर्वेटिव रुख अपना रहा है।
हालांकि विवाद से बचने के लिए सभी निर्देशों को स्वीकार कर लिया गया है।
क्या कंटेंट के कारण बदलेगा फिल्म का टोन?
यह सवाल सोशल मीडिया पर तेजी से उठ रहा है।
फैंस जानना चाहते हैं कि—
- इतने कट्स के बाद
- डायलॉग्स की सफाई के बाद
- और बोल्ड कंटेंट की कमी के बाद
क्या फिल्म पहले जितनी मज़ेदार रहेगी?
मेकर्स का कहना है कि फिल्म की आत्मा को नहीं छेड़ा गया है।
कहानी, कॉमिक टाइमिंग और स्टारकास्ट की केमिस्ट्री वही है, इसलिए दर्शक मज़ा जरूर उठाएँगे।
‘मस्ती’ फ्रेंचाइज़ी क्यों है इतनी लोकप्रिय?
2004 में आई पहली ‘मस्ती’ ने बॉलीवुड में एडल्ट कॉमेडी की लहर शुरू कर दी थी।
इसके बाद:
- ग्रैंड मस्ती (2013)
- ग्रेट ग्रैंड मस्ती (2016)
ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया, हालांकि इन फिल्मों पर भी बोल्ड कंटेंट को लेकर विवाद हुआ था।
‘मस्ती 4’ से भी फैंस को वही पुरानी जोड़ी, मस्तीभरी कहानी और एडल्ट ह्यूमर की उम्मीद है।
लेकिन सेंसर बोर्ड ने इस बार साफ संकेत दिया है कि “डबल मीनिंग” को भी सीमा के भीतर ही रखा जाए।
फैंस की प्रतिक्रिया—”कहां गई कॉमेडी की आजादी?”
सेंसर बोर्ड के इस कदम से सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं—
1. कुछ लोग बोर्ड का समर्थन कर रहे हैं
उनका कहना है कि
- फिल्मों में अनावश्यक अश्लीलता बढ़ रही है,
- फैमिली के साथ देखना मुश्किल हो गया है,
- और थोड़ी सख्ती जरूरी है।
2. दूसरी तरफ कई फैंस नाराज़ हैं
वे कह रहे हैं—
- “मस्ती जैसी एडल्ट फिल्म से बोल्डनेस हटाओगे तो क्या बचेगा?”
- “हँसी-मज़ाक पर इतनी सख्ती क्यों?”
- “CBFC सिर्फ कैंची चलाने के लिए बैठा है क्या?”
यानी यह मुद्दा सोशल मीडिया पर बड़ा बहस का कारण बना हुआ है।
रिलीज़ की राह साफ, पर विवाद जारी
कट्स के बाद फिल्म को A सर्टिफिकेट मिल चुका है।
अब फिल्म अपनी तय तारीख पर रिलीज़ होगी।
लेकिन इस विवाद के कारण फिल्म को अतिरिक्त पब्लिसिटी जरूर मिल गई है, जो मेकर्स के लिए एक तरह से फायदा ही है।
निष्कर्ष
‘मस्ती 4’ का सेंसर बोर्ड द्वारा रोका जाना और 39 सेकेंड के बोल्ड सीन्स का हटाया जाना इस बात का संकेत है कि
बोर्ड अब एडल्ट कॉमेडी फिल्मों पर पहले से ज्यादा कड़ा रवैया अपना रहा है।
हालांकि कट्स के बावजूद
- फिल्म की कहानी,
- स्टारकास्ट की केमिस्ट्री
- और कॉमिक एंगल
वैसे ही रहेंगे।
अब देखना यह है कि दर्शक फिल्म को कितना पसंद करते हैं और क्या यह विवाद बॉक्स ऑफिस पर इसके लिए मददगार साबित होता है।