बॉलीवुड सितारों के विज्ञापनों को लेकर एक बार फिर नई बहस छिड़ गई है। इस बार अभिनेता मुकेश खन्ना ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को पान मसाला ब्रांड के विज्ञापनों में नजर आने को लेकर खुलकर निशाने पर लिया है। उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि यह सिर्फ “केसरिया आदाब” तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि यह शर्म की हद है और ऐसे विज्ञापन करने वाले कलाकारों को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
मुकेश खन्ना अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। वह अक्सर फिल्म इंडस्ट्री, टीवी और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं। इस बार उन्होंने सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े सितारों की जिम्मेदारी केवल मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि समाज पर उनके प्रभाव को भी समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, जब करोड़ों लोग किसी अभिनेता को अपना आदर्श मानते हैं, तो ऐसे विज्ञापनों में उनकी मौजूदगी गलत संदेश दे सकती है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि लोकप्रिय कलाकारों को सिर्फ आर्थिक लाभ के लिए ऐसे उत्पादों का प्रचार नहीं करना चाहिए, जिन पर पहले भी विवाद हो चुके हैं। उनका मानना है कि किसी ब्रांड का चेहरा बनने से पहले कलाकारों को यह भी सोचना चाहिए कि उनके प्रशंसकों, खासकर युवाओं पर उसका क्या असर पड़ेगा।
फिर चर्चा में आया पान मसाला विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों से पान मसाला और इलायची ब्रांड के विज्ञापन लगातार विवादों में रहे हैं। इन विज्ञापनों में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जैसे बड़े सितारे एक साथ नजर आए हैं। विज्ञापन का स्टाइल और डायलॉग सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय भी हुए, लेकिन इसके साथ ही इन कलाकारों को आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा।
इससे पहले भी कई लोगों ने सवाल उठाया था कि बड़े सितारों को ऐसे उत्पादों का प्रचार करना चाहिए या नहीं। वहीं, कुछ लोगों का तर्क रहा कि यह इलायची का विज्ञापन है और इसे उसी रूप में देखा जाना चाहिए। हालांकि, विवाद समय-समय पर फिर सामने आता रहा है।
पुराने बयान भी बने चर्चा का विषय
इस विवाद के बीच शाहरुख खान और अजय देवगन के पुराने बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले जब उनसे इन विज्ञापनों को लेकर सवाल किए गए थे, तब दोनों ने अपने-अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दी थी।
शाहरुख खान का एक पुराना बयान चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अपनी कमाई और पेशेवर फैसलों का जिक्र किया था। वहीं अजय देवगन का एक बयान भी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर किसी को समस्या है तो ऐसे उत्पाद बनाना बंद कर देना चाहिए। हालांकि, इन पुराने बयानों को अब नए विवाद के संदर्भ में शेयर किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
मुकेश खन्ना के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी हुई दिखाई दे रही है। कुछ यूजर्स ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बड़े सितारों को समाज के प्रति ज्यादा जिम्मेदार होना चाहिए। उनका कहना है कि जब करोड़ों लोग किसी अभिनेता को फॉलो करते हैं, तो उसके द्वारा प्रचारित उत्पाद का प्रभाव भी व्यापक होता है।
दूसरी ओर कई लोगों ने यह भी कहा कि विज्ञापन करना कलाकारों का पेशेवर फैसला होता है और किसी ब्रांड के हर पहलू के लिए अभिनेता को पूरी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कुछ यूजर्स ने यह भी याद दिलाया कि कई बड़े सितारे सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट पर पुरानी बहस
यह विवाद एक बार फिर उस पुराने सवाल को सामने लेकर आया है कि क्या सेलिब्रिटी को हर ब्रांड का प्रचार करना चाहिए? मार्केटिंग विशेषज्ञों का मानना है कि किसी बड़े अभिनेता का चेहरा बनने से ब्रांड की पहुंच कई गुना बढ़ जाती है। इसी वजह से कंपनियां लोकप्रिय सितारों को अपने विज्ञापनों में शामिल करती हैं।
वहीं, सामाजिक दृष्टिकोण से यह भी तर्क दिया जाता है कि प्रभावशाली हस्तियों को ऐसे उत्पादों के प्रचार में सावधानी बरतनी चाहिए, जिन पर पहले से विवाद या भ्रम की स्थिति रही हो।
अभी तक नहीं आई नई प्रतिक्रिया
फिलहाल मुकेश खन्ना के ताजा बयान पर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की ओर से कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही बहस फिलहाल लोगों की राय और पुराने बयानों के इर्द-गिर्द घूम रही है।
यह पूरा विवाद एक बार फिर दिखाता है कि आज के दौर में सेलिब्रिटी केवल फिल्मों तक सीमित नहीं हैं। उनके विज्ञापन, बयान और सार्वजनिक फैसले भी लोगों के बीच बड़ी चर्चा का विषय बन जाते हैं। आने वाले दिनों में यदि किसी पक्ष की ओर से नया बयान आता है, तो यह बहस और आगे बढ़ सकती है।