सनी देओल की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इस फिल्म से जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है, जिसने फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘बॉर्डर 2’ की लंबाई तीन घंटे से ज्यादा होगी। ऐसे दौर में, जब फिल्में 2 से ढाई घंटे में सिमट रही हैं, इतनी लंबी फिल्म बनाना अपने आप में एक बड़ा और साहसी फैसला माना जा रहा है। सवाल यही है कि क्या यह फिल्म ‘धुरंधर’ जैसी जबरदस्त सफलता दोहरा पाएगी?
साल 1997 में रिलीज हुई ‘बॉर्डर’ आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार देशभक्ति फिल्मों में गिनी जाती है। सनी देओल का “ये ढाई किलो का हाथ” वाला जोश, सैनिकों का बलिदान और दमदार संगीत—सब कुछ दर्शकों के दिलों में आज भी ताजा है। अब लगभग तीन दशक बाद ‘बॉर्डर 2’ उसी विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। मेकर्स का मानना है कि कहानी की गहराई, युद्ध के दृश्य और भावनात्मक पहलुओं को सही तरीके से दिखाने के लिए लंबा रनटाइम जरूरी है।
फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ‘बॉर्डर 2’ सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें सैनिकों की निजी जिंदगी, उनके परिवार, और देश के लिए किए गए बलिदान को भी विस्तार से दिखाया जाएगा। यही वजह है कि फिल्म की अवधि को कम करने के बजाय उसे पूरी मजबूती के साथ पेश किया जा रहा है। सनी देओल भी कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि यह फिल्म सिर्फ एक्शन नहीं, बल्कि भावना और सम्मान की कहानी है।
हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया और यह साबित किया कि दर्शक अब भी गंभीर और कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों को पसंद करते हैं। ऐसे में तुलना होना लाजमी है कि क्या ‘बॉर्डर 2’ भी वही कमाल दिखा पाएगी। हालांकि, ‘धुरंधर’ जहां राजनीतिक और सत्तात्मक संघर्ष पर आधारित थी, वहीं ‘बॉर्डर 2’ शुद्ध देशभक्ति और सैन्य साहस की कहानी कहती है। दोनों की तासीर अलग है, लेकिन भावनात्मक जुड़ाव दोनों में अहम भूमिका निभाता है।
लंबे रनटाइम को लेकर इंडस्ट्री में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कहानी बांधकर रखती है, तो तीन घंटे का समय भी कम लग सकता है। वहीं कुछ का कहना है कि आज के दर्शक तेज रफ्तार सिनेमा के आदी हो चुके हैं, ऐसे में फिल्म की एडिटिंग बेहद अहम होगी। मेकर्स पर यह जिम्मेदारी होगी कि फिल्म कहीं भी खिंची हुई न लगे।
सनी देओल के लिए ‘बॉर्डर 2’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उनकी पहचान से जुड़ा प्रोजेक्ट है। हालिया वर्षों में उन्होंने ‘गदर 2’ जैसी ब्लॉकबस्टर देकर यह साबित कर दिया है कि दर्शक आज भी उन्हें उसी जोश और गुस्से के साथ देखना चाहते हैं। ‘बॉर्डर 2’ में उनका किरदार पहले से ज्यादा परिपक्व, भावुक और जिम्मेदार बताया जा रहा है, जो फिल्म को और वजनदार बना सकता है।
फिल्म के तकनीकी पहलुओं पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। असली लोकेशंस, रियलिस्टिक युद्ध दृश्य और सीमित VFX के इस्तेमाल की खबरें सामने आई हैं। साथ ही, म्यूजिक भी फिल्म की आत्मा माना जा रहा है। अगर गाने और बैकग्राउंड स्कोर दर्शकों के दिल को छू पाए, तो लंबा रनटाइम भी एक प्लस पॉइंट बन सकता है।
कुल मिलाकर, तीन घंटे से ज्यादा लंबी ‘बॉर्डर 2’ एक बड़ा दांव है। यह फिल्म या तो दर्शकों को पूरी तरह अपने साथ बहा ले जाएगी, या फिर लंबाई इसकी सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है। अब देखना यह है कि सनी देओल और मेकर्स इस देशभक्ति गाथा के जरिए क्या वाकई ‘धुरंधर’ जैसा कमाल दोहरा पाते हैं या नहीं। जवाब फिल्म की रिलीज के बाद ही मिलेगा, लेकिन उम्मीदें फिलहाल आसमान छू रही हैं।