फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को लेकर दर्शकों में पहले से ही जबरदस्त उत्साह है, लेकिन अब इस फिल्म से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। अभिनेता वरुण धवन ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें इतनी गंभीर चोट लगी कि उनकी रीढ़ की हड्डी तक प्रभावित हो गई। हैरानी की बात यह है कि यह चोट किसी स्टूडियो सेट पर नहीं, बल्कि 40 दिनों तक असली सैनिकों के साथ की गई कठिन शूटिंग के दौरान लगी। वरुण का यह बयान न सिर्फ उनके फैंस को भावुक कर गया, बल्कि फिल्म के प्रति सम्मान और बढ़ा गया।
‘बॉर्डर 2’ एक देशभक्ति से भरपूर फिल्म है, जो भारतीय सैनिकों के साहस, बलिदान और जज्बे को बड़े पर्दे पर दिखाने का दावा करती है। इसी उद्देश्य के तहत मेकर्स ने फैसला किया कि फिल्म को यथासंभव रियल रखा जाएगा। शूटिंग के लिए आर्मी कैंप जैसे हालात बनाए गए, जहां कलाकारों को असली सैनिकों के साथ रहना, ट्रेनिंग लेना और उन्हीं की तरह अनुशासन में रहना पड़ा। वरुण धवन ने बताया कि यह अनुभव उनके करियर का सबसे कठिन लेकिन सबसे गर्व भरा समय रहा।
वरुण के मुताबिक, शूटिंग के दौरान रोजाना घंटों तक भारी गियर पहनकर दौड़ना, रेंगना, हथियारों के साथ अभ्यास करना और कठिन मौसम में काम करना पड़ा। इसी दौरान एक सीन की शूटिंग में उन्हें पीठ पर जोरदार चोट लगी। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन धीरे-धीरे दर्द इतना बढ़ गया कि चलना-फिरना मुश्किल हो गया। मेडिकल जांच में पता चला कि उनकी रीढ़ की हड्डी को गंभीर चोट पहुंची है।
अभिनेता ने यह भी बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत शूटिंग रोकने की सलाह दी थी, लेकिन फिल्म और किरदार के प्रति जिम्मेदारी महसूस करते हुए उन्होंने सीमित आराम के बाद दोबारा काम शुरू किया। हालांकि, इस दौरान पूरी टीम और मेकर्स ने उनका पूरा ध्यान रखा। वरुण ने कहा कि असली सैनिकों को रोज जोखिम उठाते देखकर उन्हें अपनी तकलीफ बहुत छोटी लगी। यही सोच उन्हें हिम्मत देती रही।
‘बॉर्डर 2’ की शूटिंग सिर्फ शारीरिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण रही। असली सैनिकों के साथ वक्त बिताने से कलाकारों को यह एहसास हुआ कि देश की रक्षा के लिए जवान किन हालात में काम करते हैं। वरुण ने माना कि इस फिल्म ने उनके सोचने का नजरिया बदल दिया। उन्होंने कहा कि पर्दे पर देशभक्ति दिखाना आसान है, लेकिन उसे जीना बेहद कठिन।
फिल्म से जुड़े सूत्रों की मानें तो ‘बॉर्डर 2’ में युद्ध के दृश्य बेहद वास्तविक होंगे। मेकर्स ने CGI पर कम और प्रैक्टिकल शूटिंग पर ज्यादा भरोसा किया है। यही वजह है कि कलाकारों को वास्तविक परिस्थितियों से गुजरना पड़ा। वरुण धवन की चोट इसी ईमानदार कोशिश का नतीजा मानी जा रही है, जिसने फिल्म को और ज्यादा प्रामाणिक बना दिया है।
फैंस सोशल मीडिया पर वरुण धवन के जज्बे की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोग इसे उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बता रहे हैं। वहीं, फिल्म इंडस्ट्री में भी उनकी प्रोफेशनलिज्म और समर्पण की चर्चा हो रही है। ‘बॉर्डर 2’ अब सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे छुपे संघर्ष और बलिदान की कहानी भी बन चुकी है।
कुल मिलाकर, वरुण धवन का यह खुलासा यह साबित करता है कि सिनेमा सिर्फ ग्लैमर नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत और जोखिम का भी नाम है। ‘बॉर्डर 2’ के जरिए दर्शकों को न सिर्फ देशभक्ति की भावना मिलेगी, बल्कि यह भी देखने को मिलेगा कि कलाकार अपने किरदारों को जीवंत करने के लिए किस हद तक जाते हैं।