बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के परिवार में चल रहा संपत्ति विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है।
हाल ही में सामने आई वसीयत में करिश्मा के बेटे का नाम गलत लिखे जाने से विवाद और गहरा हो गया है।
इस पूरे मामले में करिश्मा के वकील ने दावा किया है कि यह वसीयत जाली (फर्जी) है और इसे जानबूझकर तैयार करवाया गया है।
वकील का आरोप है कि इस वसीयत को संजय कपूर की मौजूदा पत्नी प्रिया सचदेव ने गढ़ा है ताकि कानूनी रूप से संपत्ति पर कब्जा किया जा सके।
⚖️ विवाद की जड़
सूत्रों के मुताबिक, संजय कपूर के परिवार की करोड़ों की संपत्ति को लेकर यह विवाद लंबे समय से चल रहा है।
करिश्मा कपूर की शादी संजय कपूर से साल 2003 में हुई थी, लेकिन कुछ साल बाद दोनों के रिश्ते में दरार आ गई।
दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया था, जिसके बाद संजय ने प्रिया सचदेव से दूसरी शादी की।
अब, वसीयत में करिश्मा के बेटे का नाम गलत लिखे जाने के बाद मामला कानूनी रूप से और पेचीदा हो गया है।
करिश्मा के वकील ने दावा किया है कि —
“वसीयत की भाषा और हस्ताक्षर असली नहीं लगते। यह दस्तावेज पूरी तरह से मनगढ़ंत है।”
🧾 वकील ने उठाए गंभीर सवाल
करिश्मा के वकील ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वसीयत में उनके मुवक्किल के बेटे का नाम गलत लिखा गया है,
जो यह साबित करता है कि यह दस्तावेज किसी ऐसे व्यक्ति ने तैयार किया है जिसे परिवार के वास्तविक विवरण की जानकारी नहीं थी।
उन्होंने आगे कहा —
“अगर कोई असली वसीयत होती, तो उसमें बच्चों के नाम, उम्र और रिश्तों का सही उल्लेख होता।
यह स्पष्ट रूप से एक फर्जी दस्तावेज़ है जिसका मकसद परिवार की संपत्ति पर कब्जा जमाना है।”
वकील ने अदालत से अपील की है कि वसीयत की फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि हस्ताक्षरों और दस्तावेज की असलियत सामने आ सके।
💰 संपत्ति का मामला
संजय कपूर के परिवार की कुल संपत्ति सैकड़ों करोड़ रुपये की बताई जा रही है।
इसमें मुंबई, दिल्ली और लंदन में स्थित संपत्तियाँ, निवेश और शेयर शामिल हैं।
विवादित वसीयत के अनुसार, संपत्ति का बड़ा हिस्सा प्रिया सचदेव और उनके बच्चों के नाम किया गया है।
करिश्मा कपूर का पक्ष यह मानता है कि यह संपत्ति उनकी शादी के समय की है,
और उनके बच्चों को इस पर पूरा अधिकार है।
वकील ने आरोप लगाया कि “वसीयत के जरिए करिश्मा के बच्चों के हक को खत्म करने की साजिश रची गई है।”
🧍♀️ प्रिया सचदेव की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर अब तक प्रिया सचदेव की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
हालांकि, उनके करीबी सूत्रों ने बताया है कि प्रिया इन आरोपों से बेहद नाराज हैं और जल्द ही एक कानूनी जवाब दाखिल करने वाली हैं।
उनका कहना है कि वसीयत पूरी तरह वैध है और इसमें किसी तरह की जालसाजी नहीं की गई है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि यह विवाद केवल पारिवारिक झगड़े का हिस्सा है,
जिसे मीडिया में सनसनीखेज तरीके से पेश किया जा रहा है।
🏛️ अदालत का अगला कदम
अदालत ने दोनों पक्षों को अपने-अपने दस्तावेज़ और प्रमाण पेश करने के लिए नोटिस भेज दिया है।
करिश्मा कपूर के वकील ने अदालत से अनुरोध किया है कि वसीयत की जांच एक स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
अगली सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि क्या वसीयत को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाए या नहीं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दस्तावेज फर्जी साबित होता है,
तो प्रिया सचदेव और इससे जुड़े लोगों पर धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लग सकते हैं।
🎬 करिश्मा कपूर की चुप्पी
इस पूरे मामले में करिश्मा कपूर ने अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
वे इस समय अपने परिवार और बच्चों के साथ समय बिता रही हैं।
करीबी सूत्रों के अनुसार, करिश्मा ने अपने वकील को सख्त निर्देश दिए हैं कि
वो मीडिया में किसी भी प्रकार की बयानबाजी से बचें और केवल अदालत में अपनी बात रखें।
🔚 निष्कर्ष
करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बीच चल रहा यह विवाद अब कानूनी जाल में फंस गया है।
वसीयत में बेटे का नाम गलत लिखे जाने से यह मामला और उलझ गया है।
अब देखना होगा कि अदालत जांच के बाद किस पक्ष के दावे को सही ठहराती है।
फिलहाल, बॉलीवुड और उनके प्रशंसक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि सच सामने आए और न्याय हो।