बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी कोई फिल्म या समाजसेवा नहीं, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ है। खबरों के मुताबिक, सोनू सूद से ED ने करीब 7 घंटे तक लंबी पूछताछ की। यह मामला एक सट्टेबाजी एप (betting app) के प्रमोशन से जुड़ा है, जिसमें कई अन्य बड़े नाम भी पहले से शामिल रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
ED की जांच एक ऑनलाइन सट्टेबाजी एप से जुड़ी है, जिस पर आरोप है कि इसने अवैध तरीके से पैसों का लेन-देन किया और इसके विज्ञापन के लिए कई बड़े चेहरों का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनू सूद पर आरोप है कि उन्होंने इस एप का प्रमोशन किया था, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया।
इससे पहले इसी केस में कई खिलाड़ियों और सेलिब्रिटीज़ से भी पूछताछ हो चुकी है। इनमें पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह और सुरेश रैना भी शामिल हैं, जिन्होंने इस एप से जुड़े प्रमोशनल एक्टिविटीज़ को लेकर अपने बयान दर्ज कराए थे।
सोनू सूद से पूछताछ
ED अधिकारियों ने सोनू सूद से करीब सात घंटे तक सवाल-जवाब किए। पूछताछ के दौरान उनसे यह जानने की कोशिश की गई कि उन्होंने इस एप के साथ किस तरह का कॉन्ट्रैक्ट किया था, भुगतान कैसे हुआ और क्या उन्हें एप की वास्तविक गतिविधियों की जानकारी थी।
सूत्रों के मुताबिक, सोनू ने जांच एजेंसियों को सहयोग किया और सारे सवालों के जवाब दिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने एप के प्रमोशन से जुड़ा काम केवल पेशेवर तरीके से किया था, इसका अवैध गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं था।
युवराज सिंह और सुरेश रैना का बयान
इस केस में क्रिकेट जगत के दो बड़े नाम भी सामने आ चुके हैं। युवराज सिंह और सुरेश रैना ने भी पहले ED के सामने बयान दर्ज कराए थे। दोनों ने साफ किया था कि वे केवल विज्ञापन और प्रमोशन का हिस्सा थे और उन्हें एप के अवैध कामकाज की जानकारी नहीं थी।
इससे यह साफ होता है कि एप ने अपने प्रचार के लिए बड़े चेहरों का सहारा लिया, जिससे जनता के बीच उसकी विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके।
सोनू सूद की छवि पर असर
सोनू सूद को देशभर में एक रियल हीरो के रूप में देखा जाता है। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने हजारों प्रवासी मजदूरों की मदद की, लोगों के इलाज और शिक्षा के लिए भी योगदान दिया। इसी वजह से उनकी छवि एक समाजसेवी और मददगार अभिनेता की बनी।
लेकिन ED की इस पूछताछ के बाद उनके फैंस के बीच चिंता बढ़ गई है। हालांकि, अभी तक सोनू के खिलाफ कोई ठोस आरोप साबित नहीं हुआ है और न ही उन्हें किसी तरह की गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
पूछताछ की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई। कुछ लोग सोनू सूद का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वह निर्दोष हैं, जबकि कुछ का मानना है कि बड़े सेलिब्रिटीज़ को विज्ञापन करते समय पूरी जानकारी लेनी चाहिए।
फैंस ने यह भी लिखा कि सोनू सूद की छवि इतनी मजबूत है कि यह विवाद उनकी लोकप्रियता को ज्यादा प्रभावित नहीं करेगा।
कानूनी पहलू
ED की जांच अभी जारी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एप के प्रमोशन से जुड़े सेलिब्रिटीज़ को किए गए भुगतान की प्रक्रिया क्या थी और क्या इसमें मनी लॉन्ड्रिंग जैसी कोई गतिविधि शामिल थी।
अगर जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो इसमें शामिल सभी लोगों को कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल सोनू सूद और अन्य सेलिब्रिटीज़ केवल गवाह या संदिग्ध की भूमिका में हैं।
निष्कर्ष
सोनू सूद से ED की सात घंटे की पूछताछ ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सेलिब्रिटीज़ को विज्ञापन करने से पहले संबंधित ब्रांड या एप की पूरी जानकारी लेनी चाहिए। हालांकि, सोनू सूद ने जांच में पूरा सहयोग दिया है और अभी तक उनके खिलाफ कोई बड़ा सबूत सामने नहीं आया है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में ED की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इस विवाद का असर सोनू सूद की लोकप्रिय छवि पर पड़ता है या नहीं।