बॉलीवुड एक्टर और प्रोड्यूसर जॉन अब्राहम हमेशा से अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने छावा और द केरल स्टोरी जैसी फिल्मों की सफलता पर अपनी राय दी और साफ कहा कि वे न तो राइट विंग हैं और न ही लेफ्ट विंग के। जॉन का कहना है कि वे कभी ऐसी फिल्में नहीं बनाएंगे, जो किसी राजनीतिक एजेंडे को प्रमोट करती हों या दर्शकों को बांटने का काम करें।
जॉन की साफ सोच – पॉलिटिक्स से दूरी
जॉन अब्राहम ने एक इंटरव्यू में कहा कि वे सिनेमा को केवल मनोरंजन और कहानी कहने का माध्यम मानते हैं। उनके मुताबिक, फिल्में समाज को जोड़ने का काम करनी चाहिए, न कि उसे बांटने का। उन्होंने साफ कहा —
“मैं न राइट विंग हूं, न लेफ्ट विंग। मैं बस अच्छा सिनेमा बनाना चाहता हूं, जो लोगों को इंसानियत और एकता का संदेश दे।”
‘छावा’ और ‘द केरल स्टोरी’ की सफलता पर सवाल
हाल ही में रिलीज हुई छावा और द केरल स्टोरी ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन साथ ही कई तरह के राजनीतिक और सामाजिक विवाद भी खड़े किए। जॉन ने इन फिल्मों की कमाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ कमाई या बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से यह तय नहीं होता कि फिल्म कितनी अच्छी है। उनके लिए फिल्म की क्वालिटी, कहानी और मैसेज ज्यादा मायने रखता है।
कंटेंट की अहमियत पर जोर
जॉन का मानना है कि फिल्मों में कंटेंट और इमोशन सबसे जरूरी होते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे कोई फिल्म प्रोड्यूस या साइन करते हैं, तो सबसे पहले यह देखते हैं कि क्या कहानी सच में दर्शकों के दिल को छू सकती है।
“अगर कंटेंट दमदार है, तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी चलेगी और लोगों के दिलों में भी जगह बनाएगी, भले ही उसमें कोई विवाद न हो।”
अपनी फिल्मों का उदाहरण
जॉन अब्राहम ने विक्की डोनर, मद्रास कैफे, और परमाणु जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए बताया कि बिना किसी राजनीतिक रंग के भी फिल्में बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि वे ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेश करना पसंद करते हैं, जो न केवल एंटरटेन करें बल्कि सोचने पर भी मजबूर करें।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
जॉन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने उनकी सोच की तारीफ की और कहा कि यही असली सिनेमा का मकसद होना चाहिए, जबकि कुछ ने सवाल उठाया कि इंडस्ट्री में बिना विवाद के भी क्या फिल्में उतनी बड़ी हिट हो सकती हैं।
आने वाले प्रोजेक्ट्स
जॉन अब्राहम जल्द ही Vedaa और Welcome to the Jungle जैसी फिल्मों में नजर आने वाले हैं। इन प्रोजेक्ट्स को लेकर उनका कहना है कि वे दर्शकों को एक्शन, ड्रामा और इमोशन का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देंगे, लेकिन राजनीति से दूर रहेंगे।